मेरी सेवा कौन करेंगा……. – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बाबूजी, आप तो बिस्तर पर हो जाने कितने दिनों के मेहमान हो, और सारी जायदाद इधर-उधर बिखरी हुई है, इन पेपर पर अंगूठा लगा दीजिए ताकि हम तीनों मिलकर उसके बराबर हिस्सों कर लेंगे, वैसे भी अब जायदाद आपकी किस काम की है! अम्मा तो है नहीं, आपको कितना सा खर्चा चाहिए, वो तो हम … Read more

ममता का आंचल – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“आपका दिमाग तो ठिकाने पर है ना मां जी”——-? 50000 का चेक आप हर 6 महीने में अनाथालय भिजवाती हैं— हमने कभी कुछ नहीं कहा परंतु आज तो आपने हद ही कर दी पूरे 5 लाख का चेक काटा है•••• प्रॉपर्टी आपकी है इसका मतलब यह नहीं कि हमारा कोई अधिकार नहीं•••••! शीतल ऊंची आवाज … Read more

“भाभी आप यह सब कैसी सह लेती हैं” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुमन.. यह हर समय सड़ा हुआ सा मुंह बनाए रखने की जरूरत नहीं है समझी, देवर की शादी है चेहरे पर खुशी होनी चाहिए पर यहां तो ऐसा लग रहा है जैसे सारा काम का बोझ इसी के सिर पर आ गया हो, अरे कभी तो हस्ती मुस्कुराते रहा करो, सारे रिश्ते तो यही समझते … Read more

मुखाग्नि – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

                 .  सोसायटी के एक टावर के नीचे खड़े व्यक्तियों की भाव भंगिमा से ही प्रतीत हो रहा था कि कोई दुःखद घटना है।ज्ञात हुआ कि एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला का निधन हो गया है।उन्ही की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही थी।आकाश नाम का युवक,सब उसे इसी नाम से पुकार रहे थे,सारी तैयारी करा … Read more

सर्दी की वो शाम… – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चार बजने को हुए तो सलोनी खिड़की बंद करने लगी…उम्र हो रही थी..अब हल्की ठंड भी उसके लिये जानलेवा हो जाती थी, फिर अभी तो दिसम्बर की कड़कती सर्दी है।तुलिका भी काॅलेज़ से आती ही होगी…।खिड़की बंद करते हुए उसकी नज़र अस्तांचल सूरज पर पड़ी जो दिनभर की थकान के बाद विश्राम करने के लिये … Read more

मन का रिश्ता – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

आज अभिनव और सोनाक्षी बैठे हुए सोच रहे थे कितना समय निकल गया पूरी जिंदगी अपने परिवार की तरफ ध्यान दिया कभी अपने भाई के कभी बहन के बच्चों के ऊपर पैसा खर्च किया तो कभी उनको पढ़ाया लिखाया लेकिन बस एक ही कमी रही कि उनके कोई बच्चा नहीं हुआ आज अभिनव इंजीनियर पोस्ट … Read more

सौम्या – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सौम्या– यथा नाम तथा गुण– जैसा उसका नाम था उसका व्यवहार भी वैसा ही सौम्य और शालीन था।वह एक भरे पूरे परिवार से थी ।जहाँ बच्चा बचपन से ही देख देखकर सब बातें सीख जाता है– उसमें व्यावहारिकता आ जाती है– ऐसे ही परिवेश की थी सौम्या।उसका विवाह माधव के संग हुआ। माधव का एक … Read more

मन से मन का रिश्ता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सुबह सुबह ही खबर लगी कि पुष्पा भाभी जी नहीं रहीं । नाश्ता बनाने जा रही थी तो सबकुछ छोड़कर बैठ गई । आंखें भर आईं बहुत पुराना रिश्ता था उनसे । नहीं नहीं खून  का नहीं,अपनों का नहीं , रिश्तेदारी का नहीं ,मन से मन का रिश्ता ।और शायद इससे बड़ा कोई रिश्ता … Read more

चाँद – विजया डालमिया : Moral Stories in Hindi

“सरला…. चलो, जल्दी से तैयार हो जाओ”। माँजी बाहर से कहे जा रही थी। पर मेरा मन बिल्कुल भी नहीं था ।इसीलिए मैं सुना अनसुना कर रही थी। अनमनी और अनियंत्रित भावनाओं को रोकने के लिए अपने आप से काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। बावजूद इसके वे थमती नहीं। सरला एक सुलझी और समझदार लड़की … Read more

मन का रिश्ता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

संगीता की शादी को सात साल बीत चुके थे । इस बीच में उसके पति अभय का पांचवी बार ट्रांसफर हुआ था। यूं तो वह बहुत मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की थी। सबसे जल्दी ही घुल- मिल जाती थी । लेकिन जहां शादी के बाद वह पहली बार अपने पति के साथ नौकरी पर गई, … Read more

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