औलाद के मोह के कारण वो सब सह गई – अनिता मंदिलवार सपना : Moral Stories in Hindi

   मीनू बहन जी , मीनू बुआ जी । सबका यही संबोधन था उनके लिए , ये मात्र संबोधन नही था । संबोधन जैसे जुड़े रिश्ते भी वैसी ही आत्मीयता और उतना ही सम्मान लिए हुए था । उनके जीवन की कहानी सबसे अलग है ।बचपन तो सामान्य ही था । छ: बहनों में सबसे लाडली … Read more

ममता – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रानी ने पहली बार भाभी और भाई को जबाब दिया था। भाभी जब थपाडा मारना चाही तो हाथ उलट दिया -बस आज के बाद हाथ उठाना दूर यदि आंख उठायी तो—बाल पकड़कर खींचा। दोनों पति पत्नी अंदर चले गए। रानी कमरे में गयी और खो गयी अतीत की याद में — आज से तीस … Read more

दिखावे की जिंदगी – दिव्या चाँदवानी : Moral Stories in Hindi

सीमा  मेरी बचपन की सहेली हमेशा से ही दिखावे में बहुत विश्वास करती थी l हर तीज त्योहार से लेकर छोटे-छोटे मौके पर नए कपड़े और नए सामान लेना उसकी आदत में शामिल था उसकी आदत से उसके माता-पिता भी परेशान रहते थे लेकिन फिर भी यह सोचते की धीरे-धीरे वक्त के साथ उसके व्यवहार … Read more

दिखावे की जिंदगी – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

रोटरी क्लब में आज सर्वश्रेष्ठ जोड़े को खूबसूरत ड्रेसिंग वाले महिला पुरुष को प्रतियोगिता के आधार पर पुरस्कार मिलने वाला है… मयंक और मै दोनों अच्छे से तैयार होकर बाकी जोड़ों की तरह बेस्ट पेयर चुने जाने की उम्मीद लिए गए थे… मन में अनगिनत झंझावात समेटे कभी कभी #दिखावे की जिंदगी #को जीते हुए … Read more

दिखावे की जिंदगी – डाॅ संजु झा। : Moral Stories in Hindi

आधुनिक समय में दिखावे की जिंदगी के लिए कभी-कभी व्यक्ति पैसे कमाने की चाहत में अंधा हो जाता है।हालात और परिस्थितियाॅं भी उसके लिए जिम्मेदार होती हैं, परन्तु अंत में पछतावा ही हाथ लगता है। दिखावे की जिंदगी में आज व्यक्ति अपनी इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं का गुलाम बन बैठा है। एक-दूसरे से दिखावे की होड़ … Read more

“ स्वार्थी रिश्ता” – प्रीति उपाध्याय “प्रीत” : Moral Stories in Hindi

ये कहानी सत्य घटना से प्रेरित है, कुहू अपने मम्मी पापा से बोहत प्यार करती थी। घर में उसके दादा जी और छोटा भाई किशु था,  बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी और सब बड़ों का बहुत ही आदर करती, उसकी मम्मी उसे खुद ही पढ़ती थी ताकि वह अच्छे नंबरों से पास हो … Read more

औलाद के मोह के कारण वह सब सह रही थी – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

दुर्गा – नाम ही नहीं, उसका स्वभाव भी वैसा ही था। पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर सोच की महिला। बचपन से ही किसी पर बोझ बनना नहीं सीखा था। स्कूल में जब किसी दोस्त के पास फीस भरने के पैसे नहीं होते, तो वह अपनी गुल्लक तोड़ देती। उसके लिए दूसरों का दर्द बाँटना कोई अहसान नहीं, इंसानियत … Read more

श्रीहरि आश्रय – सीमा गर्ग मंजरी : Moral Stories in Hindi

श्रीहरि आश्रय स्थल की आवश्यक मीटिंग समाप्त करने के बाद श्रीकांत जी ने समय देखा तो रात के बारह बज रहे थे। दिसम्बर माह के अंत में चलने वाली शीत हवाओं से पूरा मौसम बेहद सर्द था।‌ चिल्ले वाली सर्दी के भयंकर प्रकोप से बचने की उम्मीद में जन-मानस घर में दुबके पड़े थे। अतः … Read more

मोह – खुशी : Moral Stories in Hindi

सुधा एक साधारण ग्रहणी थी।परिवार में पति आदित्य जो बिजली विभाग में क्लर्क थे।सास सावित्री ,ससुर निवास और ननद सुनीता। इतना सा ही परिवार था।ससुर निवास की  घर में ही परचून की दुकान थी। जिससे घर के छोटे मोटे खर्चे वो पूरे कर देते ।सुनीता की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी उसके लिए लड़के देखे … Read more

भटकन – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

गरीब घर में भले ही जन्म लिया था पूजा ने पर सौंदर्य,आवाज और व्यवहार कुशलता में उससे अमीर कोई दूसरा न था।रूप की खान थी वो, गाती भी बहुत मधुर थी, सुनने वाले सम्मोहित हो जाते और व्यवहार कुशल ऐसी जो मिलता उसका मुरीद बन जाता। उसकी सखियां उसे छेड़ती अक्सर…जो भी तुझसे शादी करेगा, … Read more

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