दिखावा – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बॉस की रिटायरमेंट फेयरवेल पार्टी चल रही थी। फूटी आंख ना भाने वाले बॉस का आज बढ़ा चढ़ा कर महिमागान हो रहा था।सबको मालूम था आज इनका यहां अंतिम दिन है । मन ही मन सब बहुत खुश थे लेकिन ऊपर से दिखावे के लिए दुख प्रकट कर रहे थे। ये ऑफिस आपके बिना सूना … Read more

सुकून – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  रंजीता और सविता हल्की गपशप संग सैर करते हुए जैसे ही सड़क पर पहुंचीं कि कल के मेले के‌ कारण सड़क के दोनों तरफ पड़ी प्लास्टिक की जूठी प्लेटों, कटोरियों ,गिलास, चम्मच तथा तुड़ी-मुड़ी जूठी पत्तलों को देखकर सविता भड़क उठी,      ‘ उफ़्फ ! यह इधर-उधर बिखरा पड़ा कूड़ा मुझे फूटी आंखों नहीं भाता है। … Read more

निक्कमा बेटा – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 देखो तो… फिर से रामलाल जी का बेटा नौकरी की तलाश में जा रहा है … हर दिन निकलता है.. और रात में घर लौट ही  आता है हताश होकर… रामलाल जी के सोने के बाद चुपचाप कमरे में जाकर सो जाता है… काहे रामलाल जी इसके पीछे पड़े है कि  नौकरी लगे… बेचारे का … Read more

क्षमादान – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

घर के सभी लोग वीरेंद्र जी के कमरे में उपस्थित थे वीरेंद्र जी की पत्नी सविता,उनका बड़ा बेटा मंयक,उसकी पत्नी पुष्पा, वीरेंद्र जी की बेटी रीता इन सबके चेहरों पर शर्मिंदगी साफ दिखाई दे रही थी उसी कमरे में वीरेंद्र जी का छोटा बेटा रवि और उसकी पत्नी गुंजन भी थे गुंजन के चेहरे पे … Read more

बैग पैक कर लो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

राजीव गांधी नेशनल पार्क में सुबह सुबह ठहाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही थी । यहाँ रोज रिटायर्ड बुजुर्गों की एक मंडली बैठती है जो कुछ देर वॉकिंग करते हैं फिर वहीं पर बेंच पर बैठ कर हँसते गाते अपने सुख दुख बाँटते रहते हैं । उनकी अच्छी खासी दोस्ती हो गई थी वे एक … Read more

हां, हम औरतें होती हैं अजीब… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  आज बाथरूम से नहाकर निकलने पर रीमा को चहकते देखकर निशांत हैरान होकर बोला ‘क्या बात है भई आज तो सुबह-सुबह ही चेहरे से खुशी का नूर टपक रहा है? कुछ खास ही है नहीं तो इस समय तो तुम काम के प्रेशर में बिफरी ही दिखती हो’ रीमा चहकते हुए आइने के समक्ष जा … Read more

जिजीविषा – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

  भाईसाहब,आप ही मेरी सहायता कर सकते हैं।प्लीज करेंगे ना मेरी मदद?        भाई बताओ तो बात क्या है?तभी तो पता चलेगा कि मैं क्या कर सकता हूँ?अगर कर सकता हूँ तो क्यों नही करूँगा तुम्हारी सहायता।        मैं कई दिनों से आपसे कहने की हिम्मत जुटा रहा था,पर अब जब पानी सर से गुजरने वाला है तो … Read more

जिंदगी बदल गई अब – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

“जब देखो तब तुम्हारे हाथ में ऊन और सलाइयां! कभी सुई धागा!पता नहीं स्वेटर बुनकर तुम्हें क्या मिलता है?मुझे बहुत गुस्सा आता है यह सब देखकर।मुझे बिल्कुल पसंद नहीं तुम्हारा यह बुनना सिलना! बंद करो यह सब ।”शशांक अपनी आदतानुसार गुस्से में चिल्लाते हुए रिचा से कहा।   रिचा रोआंसी हो गई  “पर इसमें बुरा … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – सुमन लता ” सुमन “ भूल रही सब रिश्ते- नाते, कैसी दुनिया दारी,  सुख सुविधा ने अपने पन की, महक छीन ली सारी । अपना घर अपनी माटी को, तज कर जाना पड़ता उस पल मानव का मन बेबस, होकर खुद से लड़ता,  जब आशाएँ पूरी होती, जाते सब बलिहारी,  सुख … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – परमा दत्त झा आज बहू ने चाय के साथ बिस्कुट और नमकीन भी दिया था।वे खुशी से झूम उठे कारण इतने प्यार से बहू ने आज तक नहीं दिया था।वे एक बार देखे और चाय पीने लगे। बहू सही रहे, परिवार देखें, और हमें क्या चाहिए। मगर यह असर रात की … Read more

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