बड़ा दिल – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

महाभारत प्राचीन भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य है। इसके रचयिता व्यास मुनि हैं। हमारे ऐतिहासिक और पौराणिक काल के बहुत सारे ऐसे योद्धा हुए हैं, जिन्होंने बड़ा दिल रखते हुए अपने त्याग और समर्पण से अपनी वीरता की कहानी को स्वर्णाक्षरों में लिखा।उन योद्धाओं में पाण्डु पुत्र  महान गदाधारी भीम और  हिडिंबा के प्रपौत्र वीर … Read more

बड़ा दिल – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“सुगंधा बहू, तुम तो बहुत बड़े दिल वाली हो फिर मन छोटा क्यों करती हो! बेटी तो पराई धरोहर होती है। उसे तो एक दिन विदा करना ही पड़ता है।” सुगंधा की बुआ सास उसके कंधे पर हाथ रख यह कहते हुए उसे ढाढस बंधाने की कोशिश करती हैं, जो अपनी दुल्हन बनी बेटी महक … Read more

जुग जुग जियो – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

दिवाली का दिन था।सुषमा सुबह से ही उदास थी उसे रह रहकर पति की याद आ रही थी।कहने को बेटा बहु साथ में ही थे फिर भी ना जाने क्यों उसे अकेलापन सा सता रहा था।सब अपनी मर्जी से काम कर थे..चाहे वो घर की सजावट हो..सबको क्या देना है..या फिर पूजा की तैयारी हो।कोई … Read more

सूज़ी – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”लेकिन एक बात समझ में नहीं आई… सूज़ी उतनी ऊपर क्या करने गई थी…!” इंस्पेक्टर रेवती ने अपनी पॉकेट से रुमाल निकाल कर श्रीमती डिसूजा को देते हुए पूछा… श्रीमती डिसूजा ने सुबकते हुए.… रुमाल लेकर आंखों की कोरों पर एक बार फिर फेरते हुए धीमे से कहा…” मैडम ठंड बहुत थी… इसलिए हम छत … Read more

आशीर्वाद – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

बड़ी बहू यानी जेठानी की तबीयत कुछ अधिक ही ख़राब हुई तो छ: साल पुरानी देवरानी ने बहुत सेवा की ।घर का हर काम सँभाल  लिया और जेठानी को पूरा आराम दिया । जेठानी को हैरानी थी कि कभी मुझ से ठीक से बात ना करने वाली , घर के काम में मदद ना करने … Read more

बड़ा दिल – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

सागरिका का मुस्कुराता हुआ चेहरा और बोलती हुई आंखें!! चाहे जितनी गंभीर क्यों न हो….? लेकिन ऐसा लगता कि जैसे मुस्कुरा रही हो। छोटी सी छोटी बात पर बहुत जोर से ठहाका लगाती …। उसके हंसने से मानो आसपास की चीजें भी हंसने लगती। एक तो बला की खूबसूरत ऊपर से हंसमुख चेहरा… सोने पर … Read more

मेम से दीदीजी बन गई – चाँदनी झा  : Moral Stories in Hindi

“ऊषा मन नहीं कर रहा है तो छोड़ दो, अगले बार अच्छी जगह मिलेगी तो प्रमोशन लेना।”  ऊषा के पति अमित ने कई बार समझाया। ऊषा सरकारी विद्यालय में शिक्षिका है, उसका प्रमोशन हुआ, एक स्लम एरिया में। घर से काफी दूर, अविकसित जगह में, जो बाजार से काफी दूर, एक सुदूर देहात में, सुदूर … Read more

इत्ती सी परवाह (भाग -2) – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बेटा पापा को फोन किया था तुमने हाल चाल लेते रहना मुझसे तो बात ही नहीं करते हैं जाने इस उमर में कौन सी क्लास ज्वाइन किए है ….शिमली दोपहर से बहुत उद्विग्न थी। मां पापा एकदम मजे में है रिनी के घर में । जीजाजी बहुत ख्याल कर रहे हैं उनका आप क्यों चिंता … Read more

इत्ती सी परवाह – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

पापा  अब तो आप रिटायर हो गए हैं अब फुर्सत से हमारे घर चलिए और रहिए थोड़ा चेंज हो जाएगा आपको अच्छा लगेगा मेहुल छोटे दामाद इस बार पीछे ही लग गए थे। मुकुंदजी की रिटायरमेंट पार्टी में पूरा परिवार इकठ्ठा हुआ था।सबके आ जाने से पूरा घर उल्लसित हो उठा था।अब धीरे धीरे सबके … Read more

नया स्वेटर – कविता झा ‘अविका’ : Moral Stories in Hindi

अंबिका हैरत भरी नज़र से दरवाजा खोलते ही अपने पति शशांक को देखती है… जो दिसंबर की इस कड़कड़ाती ठंड में बिना स्वेटर  के ऑफिस से घर आ रहे थे। सुबह तो नया स्वेटर… जो अंबिका ने बड़े प्यार से उसके लिए बनाया था… पहनकर गए थे। “तुम्हारे हाथों में जादू है अंबिका। बहुत ही … Read more

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