मोहताज – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

धनिया बहुत ही प्यारी लड़की थी | अपने दो भाई दो बहनों में सबसे दुलारी थी | सीधी साधी होने के कारण सब घर में  उसका बहुत ध्यान रखते | बहुत ही प्यार दुलार मिलता था | धनिया की शादी  हो गई | ससुराल वाले ठीक ठाक ही थे | कभी धनिया को कुछ दुख … Read more

हनी ट्रैप – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   अंकल आप ही हमारी सहायता कर सकते हो,आप ही पापा को रोक सकते हो,हमारे परिवार को बचा सकते हो।अंकल प्लीज।         बात क्या है मनीष,बताओ तो?      अंकल कहते हुए शर्म भी आ रही है, पर कहना तो पड़ेगा, पापा पाप करने जा रहे हैं, उन्हें रोकना होगा,मेरी न तो वे सुनेंगे और न मानेंगे।       पहेली क्यो … Read more

प्रेम से सींचें रिश्ते – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रामेश्वरी जी एक सीधी सादी, सुलझीं महिला थीं ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं थीं ‌ग्रामीण परिवेश में हमेशा रहीं थीं किन्तु उनकी सोच, समझने की शक्ति निराली थी। वे किसी भी समस्या से घबरातीं नहीं थीं, वल्कि समाधान सोचने में जुट जातीं। उनके इसी गुण ने उन्हें परिवार, मुहल्ले में एक अलग स्थान दिया था।जब भी … Read more

घर की इज्जत का कुछ तो ख्याल रखा होता – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

लक्ष्मी घर की बड़ी बहू हर एक काम में बहुत होशियार कभी भी किसी काम में ना नकुल नहीं करती थी सविता की दो बहुएं दोनों पढ़ी-लिखे आई हुई थी देवरानी जेठानी मिलकर सुबह शाम का काम अपने हिसाब से कर लेती थी सविता ने दोनों के बीच कोई मन मुटाव न हो इसलिए उन्होंने … Read more

घर की इज्जत – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

होठों से बहता खून माथे पर ग़ुमड़ शरीर पर नीले नीले चोटों के निशान लिए सुरभि अपनी सास और ससुर के सामने खड़ी थी… शादी के तीन साल होने को आए पर हर चौथे दिन रमन मेरे साथ ऐसे हीं जानवरों सा व्यवहार करता है.. बताइए मम्मी जी पापा जी मैं क्या करूं… बिलखते हुए … Read more

मुस्की – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   चाचू — चाचू……दरवाजा खोलो ना… देखो तो आपकी मुस्की आई है…. प्लीज चाचू….. रोते-रोते दरवाजे पर मुक्का मारती हुई मुस्की थक कर वहीं बैठ गई ….!    आप जब तक बाहर नहीं आओगे मैं यहां से नहीं हटूंगी चाचू…. मुझे नहीं मालूम चाचू …..सही कौन है और गलत कौन है….? मम्मी पापा की बातों से लगता … Read more

परिवार और पड़ोस का अंतर – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“छोटी, सब्ज़ी और सलाद वगैरह सब तैयार हैं। ऐसा करते हैं कि तुम चपातियां बना दो, मैं सबको परोस देती हूं।” स्मृति ने प्यार से अपनी देवरानी मनीषा से कहा।  “वाह भाभी, कितनी चालाक हैं आप! ताकि मैं रसोई में खड़ी रहूं और बाहर आप सबको भ्रमित कर सकें कि खाना आपने बनाया है।” मनीषा … Read more

अपनों की पहचान – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“माँ ऽऽऽ” फोन पर बिलखती बेटी निशि की आवाज सुन सुनंदा जी घबरा गईं  कल तक तो सब कुछ ठीक ही था फिर अचानक रात को ऐसा क्या हो गया जो मेरी बेटी के हँसते खेलते परिवार को ग्रहण लग गया  “बेटा तुम चिंता मत करो सब ठीक हो जाएगा बस तुम हिम्मत मत हारना … Read more

दूसरी भूल – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

       ‘पापा! यह देखो आपके लाड़ले को आज स्कूल में ‘बैस्ट स्टूडेंट् आफ द ईयर’ का इनाम मिला है’ अनामिका ने चहकते हुए अपने पुत्र के साथ घर में प्रवेश किया था ।          “जाओ समीर ! नानू को अपना इनाम दिखाओ और उनके पांव छू कर उनसे आशीर्वाद लो।” मि. शर्मा ने समीर को गले से … Read more

बड़ा दिल – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सिलाई मशीन की खट खट शांत हो गई थी। कौशल्या की निर्जीव शरीर फर्श पर पड़ा था। रौशनी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठी आंसू बहा रही थी।और सोंच रही थी अब क्या करूंगी कहां जाएगी , मां ही तो आखिरी सहारा थी अब वो भी न रही ।बाप तो बहुत पहले ही … Read more

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