भूला वादा – शालिनी दीक्षित : Moral Stories in Hindi

‘क्या आपने मेरा टिकट करा दिया………?’ प्रिया ने विशाल से फोन पर पूछा। ‘नहीं अभी नहीं कराया है; अभी तो काफी दिन है मैं कर दूँगा, आज बहुत बिजी था।’ विशाल ने जवाब दिया। ‘प्लीज आप जल्दी कर दीजिए वरना टिकट नहीं मिलेगा।’ प्रिया ने फोन रखने से पहले एक बार फिर से कहा। फोन … Read more

जो अपने मां-बाप का दिल दुखाते हैं भगवान उन्हें जरूर सजा देते हैं – डा.शुभ्रा वार्ष्णेय : Moral Stories in Hindi

नई दिल्ली के एक चमचमाते फ्लैट में रक्षित और उसकी पत्नी माया रहते थे। वे दोनों मिडिल क्लास परिवार से थे, लेकिन रक्षित की कामयाबी ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया था। एक छोटे से बिजनेस से शुरुआत करके रक्षित अब एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के सीनियर मैनेजर बन गए थे। उनके पास … Read more

घर की इज्जत – डा.शुभ्रा वार्ष्णेय : Moral Stories in Hindi

रामपुर गांव में सुबोध गुप्ता का नाम आदर से लिया जाता था। वे गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक थे और अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए मशहूर थे। सुबोध का मानना था कि शिक्षा ही समाज को प्रगति की ओर ले जा सकती है। उनकी पत्नी शीलू एक सुलझी हुई घरेलू महिला थीं, जो … Read more

घर की इज्जत – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

आज व्यंजना के भाई आर्यन का विवाह था। मम्मी पापा के प्रसन्नता से खिले मुखों को देखकर वह भी बहुत खुश थी। मम्मी के तो जैसे पैर ही जमीन पर नहीं पड़ रहे थे। तभी उसके कानों में चहकती हुई मम्मी की आवाज पड़ी – ” बच्चों के मन मिलने अधिक आवश्यक हैं। बच्चे खुश, … Read more

घर की इज्जत – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

चंडीगढ़ के गांव में रहने वाली निर्मला देवी के दो पुत्र थे। बड़ा बेटा निरंजन और छोटा आशीष। निरंजन की पत्नी का नाम पायल था और उनके दो बच्चे थे। आज आशीष का विवाह निकिता से संपन्न हुआ था। निकिता को सब निक्की कहते थे। आज निक्की बहू बनकर निर्मला देवी के घर आ गई … Read more

कर्मा (जीवन का सार) – एम.पी. सिंह : Moral Stories in Hindi

बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज के दूसरे साल में था। कॉलेज के बाहर एक टपरी पर चाय पी रहा था औऱ फर्स्ट ईयर के एक लड़के का इंट्रो ले रहा था। तभी देखा कि एक लड़का साइकिल पर तेजी से आता हुआ अनबेलेन्स होकर हमारे सामने गिर गया। ढलान की वजह से … Read more

शुभारंभ – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

सेंटर टेबल पर रखे सांची का पत्र पढ़कर श्रीधर बाबू कटे वृक्ष के समान भूमि पर गिर गए। हाथों में सांची का पत्र खुला पड़ा था और उनकी आंखें जैसे पत्थर हो गईं थी। उनकी यह अवस्था देखकर उनकी पत्नी सुमित्रा जी दौड़कर आ पहुंची और उन्हें जब झकझोरते हुए पूछने लगी, “- क्या हुआ … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  चारों तरफ से निराशा हाथ लगने के बाद शुभा उस इलाके के पंडित से मिली जो लड़के-लड़कियों की शादी करवाने के लिए प्रसिद्ध थे।     बेसहारा विधवा दो-तीन वर्षों से अपनी बेटी की शादी के लिए परेशान थी। वह अपने घर में ही घरेलू उद्यम करके कुछ उपार्जन करती थी, जिससे उसकी परवरिश होती थी।     उसने … Read more

घर की इज्जत – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधारमण जी शहर के जाने माने व्यापारी थे।जिनका भरा पूरा परिवार था।पत्नी रजनी,3 बेटे नरेश,महेश,  सुरेश और दो बेटियां मीरा और रिया खुशहाल परिवार था।तीनों बेटे पिता के व्यापार में सहयोग करते बेटियां पढ़ रही थी।राधारमण जी अब बच्चो के विवाह की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते थे। उन्होंने अपने मित्र श्याम प्रकाश की पुत्री … Read more

*घर की इज्जत का मापदंड* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

घर की इज्जत बचाए रखना परिवार के हर सदस्य का दायित्व है। पर यह घर की इज्जत है क्या? किसी के लिए घर की इज्जत का अर्थ सिर्फ बहू, बेटियों को घर की मर्यादा में रखने तक है। तो  किसी के लिए सिर्फ बहुओं की मर्यादा तक सीमित है। किसी परिवार में घर का हर … Read more

error: Content is protected !!