काजल की कोठरी – मुकेश पटेल
“अरे ओ कुल-नाशक! डूब मर किसी चुल्लू भर पानी में। पूरे खानदान की नाक कटाकर रख दी है तूने। मेरे तो भाग फूट गए जो तुझ जैसी औलाद को जन्म दिया। लोग सही कहते थे, सांप को कितना भी दूध पिला लो, वो डसता ही है।” सावित्री देवी का गला चिल्लाते-चिल्लाते बैठ गया था, लेकिन … Read more