संयुक्त परिवार – खुशी : Moral Stories in Hindi

निशि एक 20 साल की लड़की थी जिसके लिए लड़के देखे जा रहे थे।परिवार में बड़ी बहन बबीता जिसकी शादी हो चुकी थी बड़ा भाई अमर जो पहले बहन की शादी कर अपनी शादी के बारे में सोचना चाह रहा था मां सीता देवी और पिता नारायण जी थे जो रेलवे में अकाउंटेंट थे।रिटायर हो … Read more

 आत्मबल – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

पढ़ाई में अव्वल रहने वाला अनन्य घर मोहल्ले स्कूल रिश्तेदारी हर जगह सबकी आंखों का तारा था। माता पिता अपने बेटे में अपना सुनहरा भविष्य देख कर निहाल हो जाते थे।स्कूल के शिक्षक ऐसे मेधावी छात्र में भावी उच्च प्रशासनिक अधिकारी की छवि देख  गर्वित हो जाते थे।हर जगह अनन्य का डंका बजता था। किस्मत … Read more

 बाप से मुंह मोड़ लिया बच्चों ने – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज बद्रीनाथ जी की मृत्यु हो गई थी। बड़ा ही कष्टकारी जीवन था उनका। वहां मौजूद हर व्यक्ति कह रहा था बेचारे बद्रीनाथ जी की तो आज जिंदगी सुधर गई।हर वक्त भगवान को कोसते रहते थे कि सबको तो बुलाते हो अपने पास मुझे कब बुलाओगे, कबतक ये अंधकार मय जीवन जीता रहूंगा। भरा-पूरा परिवार … Read more

 मुझे अलग रहना… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“हम फ्रिज का पानी नहीं पीते… हमारे यहां तो अभी भी मटका ही चलता है… जैसे फ्रिज में बोतल भर कर डालती हो… वैसे ही मटके में पानी भर दो… दो मटके हैं… दोनों भर कर रख देना…!”  पूरा दिन तो बस मटके भरने में ही निकल जा रहा था… ऊपर से खाना, बर्तन, घर … Read more

 “आत्मा की पुकार” – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

संध्या की हल्की धूप आंगन में बिखरी थी। पुरानी हवेली के झरोखों से रोशनी छन-छनकर भीतर आ रही थी, जैसे समय खुद थम गया हो। उसी हवेली के एक कोने में बैठी थी शांत, गम्भीर और अपने ही ख्यालों में डूबी हुई सरोजनी… वो कभी इस हवेली की रानी थी, मन से भी और प्रेम … Read more

 समझदार जीवनसाथी – अलका शर्मा : Moral Stories in Hindi

ग्रामीण क्षेत्र में पली बढी, कृषक परिवार से संबंधित, रुपाक्षी जब स्नातक डिग्री प्राप्त करने के लिए अपनी मौसी के यहाँ शहर में गई तो मन में विचरते विचारों को भी जैसे पँख लगने लगे।हमेशा मर्यादाओं की सीमा में रहने वाली रुपाक्षी को शहर में पढने के लिए भेजने से पहले सभी नसीहतें दी गई। … Read more

 “क्या आधुनिक लड़कियां इतनी संस्कारी भी हो सकती हैं?” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

इशिता बहु.. तुम एक-दो दिन में अपनी रसोई अलग कर लेना मतलब की ऊपर वाले हिस्से में तुम अपना सारा सामान व्यवस्थित कर लेना इसमें मैं भी तुम्हारी मदद कर दूंगी! अभी 2 दिन पहले ही अपने हनीमून से लौटी और 15 दिन पहले ही ब्याह कर आई बहू इशिता से उसकी सास रमा देवी … Read more

 मुँह मोड़ना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

पति और बच्चों के जाने के बाद मधु घर समेटने में व्यस्त थी।उसी समय उसके फोन की घंटी बज उठी।उसने जल्दी से आकर हाथ में मोबाइल उठाया और हैलो  कहा।उधर से आई आवाज सुनकर उसके चेहरे पर आश्चर्यमिश्रित खुशी छा गई।फोन उसके छोटे भाई की पत्नी नीरजा का था। नीरजा ने कहा -“दीदी!आपके भतीजे की … Read more

 मुँह मोड़ना – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

छोटे से गाँव में रहने वाले रघु काका एक ईमानदार, दयालु और मददगार इंसान थे। जब भी कोई मुसीबत में होता, काका सबसे पहले पहुँचते। चाहे खेत में काम हो या किसी की बीमारी, उन्होंने कभी किसी से मुँह नहीं मोड़ा। वे एक साधारण किसान परिवार से थे लेकिन जब भी किसी को मदद की … Read more

 औलाद की खातिर सब सह गई – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

ये क्या मम्मी ये आप अपना बैग और सामान लेकर कहां जा रही है ,मैं जा रही हूं बेटा यहां से , मगर कहां जा रही है, वृद्धाश्रम, वृद्धाश्रम पर क्यों ?अब बाकी की जिंदगी में वही गुजार लूंगी ।अब यहां रहकर बहू का अपमान और तेरा सब नजरंदाज करना मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा … Read more

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