” तकदीर ” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” तकदीर “ ” मम्मी मुझे माफ कर दो आज के बाद ऐसा नहीं होगा !” ग्यारह साल का दक्ष रोते हुए अपनी मां निशा से बोला। ” नहीं आज तुम्हे सबक मिलना जरूरी है इसलिए आज तुम चुपचाप यही बाहर खड़े रहो !” निशा आंख में आंसू पर चेहरे पर गुस्सा लिए बोली । … Read more

 तकदीर फूटना – हेमलता श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

ससुराल की दहलीज पर कदम रखते ही मैं समझ गई थी कि ये डगर आसान नहीं होगी मेरे लिए. आसान तो मायके में भी जीना नहीं था,‌‌ जन्म देते ही मां का साया उठ‌ गया था बुआ और भाभी की शरण में पली‌ बढ़ी मां ने होने का दर्द हमेशा सालता रहता। लोगों की नजर … Read more

 बेटे का विश्वासघात – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

” मां बस कुछ दिनों की बात है मेरी खातिर तुम कुछ महीने और नौकरी कर लो पाठक जी कह रहे थे वे बहुत जल्दी कोई दूसरी काम करने वाली ढूंढ़ लेंगे तब तक आप यहीं काम करो,पाठक जी ने बुरे समय में हमारा साथ दिया है अब उनके लिए इतना तो करना ही पड़ेगा!!?, … Read more

 प्रायश्चित – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

  कुछ गलतियों का प्रायश्चित नहीं होता। शायद ये गलतियां नहीं  अपराध होता है। लेबर रूम में अत्यंत पीड़ा के क्षणों से गुजरने के बाद नर्स ने जब निधि के हाथों में कोमल सी बच्ची   पकड़ाते हुए कहा देखो तुम्हारी बेटी, तो वह उस अनुभव को बयान नहीं कर सकती थी। उसने नर्स से … Read more

 प्रायश्चित – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चलिए भाभी… फटाफट से तैयार हो जाइए, आज हम दोनों दिन भर शॉपिंग करेंगे मस्ती करेंगे और शाम को खाना भी बाहर ही खाकर आएंगे, आज हम सब कुछ आपकी पसंद का ही करेंगे! नहीं नहीं दीदी.. आप यह क्या कह रही हो मम्मी जी को पता चल जाएगा तो घर में शामत आ जाएगी … Read more

 प्रायश्चित – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सुधा जी पचहत्तर साल की उम्र में भी अपना सब काम खुद ही करती थीं। बाथरूम में फिसल जाने के कारण गिर गयी थी। बडी मुश्किल से खुद ही उठकर पड़ोस में रहने वाली पगली (उम्र बीस साल) को कॉल करके  बोला , जल्दी से आ जाओ चोट लग गयी है हॉस्पिटल ले चलो हमको … Read more

 प्रायश्चित – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

******** आज दर्शना के बेटे मण्डल का पहला जन्मदिन था। चारो ओर पार्टी का शोर और गहमागहमी, स्वादिष्ट व्यंजन की खुशबू, स्त्री और पुरुषों के परफ्यूम की सुगन्ध से पूरा वातावरण सुवासित था। बेटे को गोद में लिये दर्शना का सुन्दर मुखड़ा मातृत्व की गरिमा से दमक रहा था।  उसके खुशी से दमकते चेहरे को … Read more

 हमारी दोनों बहुऐं बहनों जैसी रहती हैं – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“अरे! आओ जिज्जी! बड़े दिनों बाद चक्कर लगा!सब ठीक-ठाक तो है ना?”शीला जी ने बड़ी बहन मीना को टैक्सी से उतरते देख कर पूछा! “क्या बताऊं बहना दोनों बहुओं ने नाक में दम कर रखा है! उतरते ही शीला के गले लग कर रूआंसी होकर मीना ने अपनी रामकहानी शुरु कर दी! कहने को चचेरी … Read more

 दरकती दीवार – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

हरिशंकर एक रिटायर्ड बैंक ऑफिसर थे,पूरी जिंदगी मेहनत से कमाया ,बच्चों को पढ़ाया,लिखाया, उनकी शादियां की और अपनी सेविंग्स से एक शानदार घर बनाया, सोचते थे अब ठाठ से बुढ़ापे का आनंद उठाऊंगा…बेटियां अपने घर की हो गई हैं, दो बेटे मोहित और शोभित मेरे बुढ़ापे का सहारा बनेंगे। बड़े बेटे मोहित को विदेश से … Read more

 प्रायश्चित – डॉ. दीक्षा चौबे : Moral Stories in Hindi

आज मानस भैया रिद्धिमा की शादी का आमंत्रण पत्र लेकर आये थे । रिद्धिमा …मेरे बड़े भैया महेशकान्त शर्मा की बेटी  है । बड़े भैया स्वयं आने की हिम्मत नहीं कर पाये थे ….इसलिए शायद छोटे भैया यहाँ थे । शोभा की मनःस्थिति विचलित सी हो गई थी । यंत्रचालित मशीन की तरह भैया को … Read more

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