रिश्तों की कसक – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

चेहरा सब कुछ व्यक्त कर देता है,सरोज के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।वो अपना दर्द किसी के सामने जाहिर नहीं करना चाहती थी,फिर भी ना जाने क्यों उसके चेहरे पे एक उदासी सी छा गई।वो बीच फंक्शन में से उठकर अपने रूम में आ गई। दरअसल सरोज अपने बेटे रोमिल के साथ नन्द के … Read more

ये गँवार औरत मेरी माँ है – संध्या सिन्हा :  Moral Stories in Hindi

द ग्रैंड हीवेन फार्म हाउस  मेहमानों से खचाखच भरा हुआ था…  हो भी क्यों ना हो… आज रेवा और शशांक की शादी के बाद का रिसेप्शन जो था । शशांक एक आकर्षक और शानदार  व्यक्तित्व के साथ -साथ एक बेहतरीन कलाकार भी था । कभी किसी होटल या किसी छोटी-मोटी पार्टी में अपनी आर्क्रेस्ट्रा पार्टी … Read more

विश्वासघात – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

सूरज पाॅंच साल बाद अपने गाॅंव वापस लौटा है।उसके गले में सोने की मोटी चेन , कलाईयों में मॅंहगी घड़ी,प्रिंटेड कमीज और नीली जींस देखकर गाॅंव वाले अच्छे -खासे प्रभावित लग रहे थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि पाॅंच वर्ष पूर्व आवारागर्दी करनेवाला सूरज एकाएक इतना शरीफ और अमीर कैसे बन गया? गाॅंव … Read more

वज़ूद – राशि सिंह : Moral Stories in Hindi

शालिनी रसोई में फटाफट काम निपटा रही थी काम करने के साथ साथ अतिरेक सावधानी भी बरत रही थी फिर भी पता नहीं कुछ न कुछ हो ही जाता है अंजाने में क्योंकि जब हमारी गलतियों को ज्यादा हाइलाइट किया जाता है तो गलती होने के और ज्यादा चांस रहते हैं… इंसान का कॉन्फिडेंस डगमगाने  … Read more

कर्म मत बिगाड़ो मां सीख बेटे की – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मीता के पति तनुष बहुत धार्मिक,सात्विक,शुद्व शाकाहारी और संस्कारी थे।उनका स्वभाव बेहद सरल और सीधा था।वे एक बैंक में कार्यरत थे।और पति की संगति से मीता भी उसी परिवेश में ढल गयी थी और उसका 11 साल का बेटा किंशू भी अपने मम्मी पापा के पास बैठकर अच्छी बातें सुनता और सीखता था। मीता किंशू … Read more

मां का संदूक – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

राहुल उस दिन घर आया तो आँगन में धूप सुनहरी चादर बिछाए खड़ी थी। कोने में माँ बैठी थीं—झुकी कमर, काँपते हाथ, आँखों पर मोटा चश्मा। उनके सामने रखा था एक पुराना लकड़ी का संदूक, जिसकी काली पेंट जगह-जगह से उखड़ चुकी थी। राहुल ने अनमनेपन से कहा— “माँ, इस जंग लगे संदूक में अब … Read more

ममता – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

“सर जितनी फीस आप के मैनुअल में लिखी हुई थी, मैं सारी जमा करा चुका हूँ। अब ये लैब चार्ज, लाइब्रेरी फीस अलग से कहाँ से आ गई।” “ये तो होता ही है।” सामने बैठे क्लार्क से रुखाई से जवाब दिया।  “मगर मैं तो पिछले बीस दिन से आप के कौलेज का एक एक एक्स्पैंस, … Read more

विश्वासघात – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

दोनों गाड़ी में बैठ गए पहले से ही सोचकर आए सोहैल की नीयत उसके कपड़ो उसके गले मे सोने की चैन हाथों में अंगूठियां देखकर खराब हो गई और मन ही मन उसने सोचा कि ये घर आने वाला है मेरे अलावा किसी को पता नही है अगर मैं इसको ठिकाने लगा दूं तो ये … Read more

विश्वासघात – उर्वी झुनझुनवाला : Moral Stories in Hindi

कहते हैं, रिश्ते विश्वास पर टिके होते हैं। एक बार यह धागा टूट जाए, तो फिर लाख जोड़ने की कोशिश करो, कहीं-न-कहीं दरार बाकी रह ही जाती है। राजीव एक महत्वाकांक्षी युवक था। छोटे से कस्बे से निकलकर उसने शहर में अपनी पहचान बनाई थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वह बेहद होशियार और … Read more

प्रोफेसर विद्रोही – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

प्रोफेसर विद्रोही आराम कुर्सी पर लंबे पाँव फैलाए कॉफी का कप हाथ में लिए उदास निगाहों से अपनी स्वर्गीय पत्नि की बड़ी सी श्वेत श्याम तस्वीर को निहार रहे थे। तस्वीर के ऊपर जड़े शीशे पर उन्होंने मालती के माथे पर एक लाल बिंदी चिपका रखी थी। कभी कभी उन्हे लगता कि मेहंदी लगे हाथों … Read more

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