सोच बदल गयी – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi
देवकी जी के सीने में उबलते ज्वालामुखी के लावा जैसे धधक रहा था जब उनके बेटे निखिल ने एक दिन घर आकर कहा , “मां, मैंने शादी कर ली है।” “किससे?” “उससे,… कोमल की ओर इशारा करते हुए माँ से कहा वही ऑफिस वाली।” देवकी जी ने माथा पीट लिया। “हाय राम! पढ़ी-लिखी और ऊपर … Read more