आसमान पर उड़ना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

नीरा को तीन-तीन बेटों की माॅं बनने का घमंड तो पहले से ही था।चौथी बार भी बेटे की माॅं बनने पर वह आसमान में उड़ने लगी। उसे अपने चारों बेटे अजूबा लगते थे।उसे भ्रम था कि परिवार और समाज उसके चारों बेटे को देखकर जलते हैं,इस कारण वह सदैव अपने बेटों के साथ रहती। स्कूल … Read more

कठपुतली – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

अरे , बड़ी बहु तुम क्या करोगी यह पर्स खरीद कर , तुम कौन सा नौकरी पर जाती हो ?? तुम्हें तो वैसे भी दो वक्त का खाना ही तो बनाना होता हैं , सास सुशीला जी ने उसकी बहू राखी के हाथ से पर्स खींचते हुए बोला और पर्स बेचने वाले भैया से बोली … Read more

डोर टूटी नहीं, लौट आई — एक कठपुतली की वापसी – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

सीमा इस साल 42 की हो चली थी। चेहरे पर अब भी वही गर्मजोशी थी, लेकिन आँखों के नीचे के हल्के गड्ढे अब गवाह थे कि उसने बहुत कुछ सहा है — चुपचाप। घर के काम, बच्चों की ज़िम्मेदारी, बूढ़े सास-ससुर की दवाइयाँ — सब कुछ संभालते-संभालते वो खुद को कब पीछे छोड़ आई, उसे … Read more

कठपुतली – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

साफ-सुथरे आंगन में तुलसी चौरे पर दिया जलाकर मीना जैसे रोज ही भगवान को नमस्कार करती थी। वह एक आदर्श बहू थी – सास-ससुर का मान, पति मनोज का सम्मान, और दो प्यारे बच्चों की ममतामयी माँ। मीना पढ़ी-लिखी थी, पर शादी के बाद उसने खुद को परिवार में समर्पित कर दिया था। मनोज जब … Read more

आसमान में उड़ना – खुशी : Moral Stories in Hindi

राजीव एक मेहनती लड़का था।गरीबी से ऊपर आया स्वमेहनत से समाज में एक मुक्क।म हासिल किया।घर में मां और राजीव ही थे।आज राजीव की गिनती बड़े अफसरों में होती।मां हमेशा कहती बेटा कभी भी ईमानदारी मत भूलना और गरीबों की मदद करना। बचपन से गरीबी भुखमरी देखने के बाद वो ऊपर आया था तो उसे … Read more

कच्चे धागे – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

सुलभा नई नवेली दुल्हन बनकर सुयश के घर आई थी।रूपवान सुलभा के अनुपम सौंदर्य ने ससुराल में हर किसी को अपना चहेता बना लिया था। आधुनिक विचारधारा की सुलभा ने आते ही रसोई घर में नए-नए प्रयोग शुरू कर दिए थे।सास (रमा) ने अपने घर में जो भी नियम कानून बनाए थे,बहू ने आते ही … Read more

हाँ, मैं आधुनिक नहीं हूँ – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

आओ ना रिया। इतनी दूर क्यों खड़ी हो? सभी मोहित का संगीत इंजॉय कर रहे है और एक तुम हो कि एक तरफ कोने मे बैठी हो।तुम्हे तो देखकर लग ही नहीं रहा है कि तुम्हे अपने देवर की शादी की कुछ ख़ुशी भी है।चलो भी अब सभी डिस्को थेक पर तुम्हारा इंतजार कर रहे … Read more

“जैसी करनी वैसी भरनी” – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शहर के एक  मोहल्ले में रहने वाली जानकी जी ने अपने छोटे बेटे की शादी बड़े अरमानों से की थी। लड़का सरकारी नौकरी में था — हर महीने डेढ़ लाख रुपये कमाता था। दो बेटे थे उनके — दोनों ही पढ़े-लिखे, अच्छे संस्कारी और अपने-अपने घरों में व्यवस्थित। जानकी जी ने हमेशा यही सपना देखा … Read more

पांव जमीन पर रखो – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

  “ ओह भाभी, ये क्या दाल बनाई है, तड़का तो दिख ही नहीं रहा, और ये  आलू की सब्जी, कुछ मीठा बनाया या नहीं, न रायता ना सलाद, ले जाओ ये सब, मैं नहीं खा सकती , मैं अभी कुछ बाहर से आर्डर करती हूं, आजकल तो जमैटो वगैरह से जो मर्जी मगांओ, मिंटों में … Read more

रिश्तो में अपनापन “….पूर्वानुमानित धारणा ना बनाएं… – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

देखो कुहू ….इस बार भी तुमने मना किया ना तो फिर तुम ही ढूंढ लेना अपने लिए लड़का……. झल्लाते हुए मीना ने बिटिया कुहू को शादी के रिश्ते के लिए हांमी भरने की चेतावनी दी……!  हाँ मम्मी बिल्कुल…यदि लड़का मेरे लायक होगा और मुझे पसंद आयेगा तो जरूर रिश्ता पक्की हो जायेगी….हँसते हुए कुहू ने … Read more

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