रिश्तों की अहमियत को समझो बेटा – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या बात है दीदी तुम्हारे बेटे की शादी है और तुम उदास सी चिंतातुर बैठी हो क्यों क्या हुआ अमिता अपनी बड़ी बहन सविता से बोली। कुछ नहीं रे बस ऐसे ही सोच रही थी कि आजकल के बच्चे कैसे हों गए हैं जो रिश्तों को खेल समझते हैं रिश्तों की मर्यादा को समझते ही … Read more

नियंत्रण – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      सुनंदा के पति एक व्यवसायी थी।उनका काम अच्छा चल रहा था।अचानक उन्हें अपने व्यापार में बहुत मुनाफ़ा होने लगा।घर में लक्ष्मी की वर्षा होने लगी, फिर तो वो # आसमान पर उड़ने लगी।अनाप-शनाप चीज़ों पर पैसा खर्च करने लगी। उसका बेटा अंशु उससे पचास रुपये माँगता तो वो उसे सौ रुपये थमा देती।धीरे-धीरे अंशु की … Read more

मेरा अपना वजूद है – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

     सौम्या स्कूल जाने के लिए जल्दी जल्दी तैयार होने लगी, वैसे अभी समय था लेकिन आज स्कूल में पेरेंटस टीचर मीटिंग थी जिसकी तैयारी उसके जिम्मे थी। हर महीने के आखरी शनिवार को ये क्रायकर्म होता था। पहले तो उसने कार की चाबी उठाई लेकिन फिर कुछ सोचकर स्कूटी कि ले ली, उसे पता था … Read more

सास की सेवा – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

नमिता जी का शव घर के आँगन मे रखा हुआ था। तुलसी के पौधा का गमला उनके सिरहाने रखकर उसमे कुछ अगरबत्ती जला कर गाड़ा हुआ था। मुख मे भी तुलसीपत्र रखा हुआ था। नमिता जी की आँखे बंद थी और चेहरे पर असीम शांति थी। लग रहा था जैसे बहुत बड़ी पीड़ा से आजाद … Read more

आसमान पर उड़ना – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

संध्या को छत पर पतंगें उड़ रही थीं, और बीच में खड़ी थी नेहा — पूरे घर का सितारा। मॉडलिंग प्रतियोगिता की विजेता, कॉलेज की स्टार और सोशल मीडिया सेंसेशन। घर और रिश्तेदारों  की जुबान में उसकी ही चर्चा थी, पर अब उसके अंदर घमंड घर करने लगा था। उसकी छोटी बहन दीक्षा, जो पढ़ाई … Read more

हाथ का मैल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” दीदी..इसमें कंजूसी की क्या बात है..मोजे तो ठीक ही हैं, बस ज़रा इलास्टिक ही तो…।फिर बेटी स्कूल पढ़ने जाती है,मोजे दिखाने तो नहीं..।” मालती अपनी जेठानी सुलेखा को समझाने लगी लेकिन हमेशा की तरह सुलेखा ने उसकी बात को अनसुना कर दिया।         सुलेखा का मायका धनाड्य था और पति महेश एक व्यवसायी।पैसे की कमी … Read more

” बहु यह मत भूलो कि भगवान सब देखता है!!” – एकता बिश्नोई : Moral Stories in Hindi

“यह क्या रोज-रोज इतना तला भुना खाना बना लेती हो?अब इस उम्र में ये सब चीजें हमसे हजम नहीं होती। तुम्हें तो पता है तुम्हारे बाबूजी को डॉक्टर ने बिल्कुल हल्का-फुल्का खाना बता रखा है, फिर भी तुम रोज ही इतना गरिष्ठ खाना बना लेती हो,कभी तो कुछ हमारे हिसाब से भी बना दिया करो … Read more

कांधे पिता के – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सभी यात्रियों से अनुरोध है सुरक्षा पेटी बांध लें।हमारा वायुयान उड़ान भरने वाला है… एयरहोस्टेस की मीठी आवाज सुन सुधा ने जल्दी से अपनी सीट की बेल्ट ढूंढी और लगाने की कोशिश करने लगी लेकिन बढ़ती घबराहट से उसे बेल्ट कसने में दिक्कत आने लगी…सहसा उसे वह दिन याद आ गया…! गांव की प्राथमिक पाठशाला … Read more

कठपुतली – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

बहु ओ  बहु !जाओ, चाय बना कर ले आओ ! मिसेज शर्मा आई हैं,शकुंतला देवी ने वहीं से बैठे -बैठे तेज स्वर में अपनी बहु को आवाज देकर कहा।   जी मांजी, कहकर देवयानी गैस के चूल्हे पर चाय चढ़ा देती है, देवयानी की सास शकुंतला देवी सारा दिन पलंग पर बैठी रहती है, और देवयानी … Read more

कठपुतली – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आप के इस तरह से चिंता करने से क्या रजत जल्दी आ जाएगा शांति से बैठ जाइए और खाना खा लीजिए, छोटा बच्चा नहीं है रजत, अरे ऑफिस से निकलते निकलते थोड़ी देरी हो ही जाती है और आप तो सब्र ही नहीं करते! हां पागल हूं मैं सब्र नहीं करता एक घंटा देर से … Read more

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