मिठास बनाम आज़ादी – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बच्चों के ब्याह के बाद अजीब कसमकस से रीता गुज़र रही हमेशा खिला खिला  रहने वाला चेहरा मुर्झाया और तनावग्रस्त रहता। जिसे उसकी बेटी बबली “जो कि अभी पढ़ाई कर रही ” ने भाप लिया ।उससे रहा नही गया तो पूछा ली क्या बात है अम्मा आज कल तुम बड़ा बुझी बुली सी रहती हो … Read more

तकलीफ़ – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

भाभी ज़रा पानी लाना,कौन अटका हुआ है ननद रीना ने जैसे ही कहां रेखा तुरंत हाथ में तोड़ा कौर थाली में रख फ्रीज़ की ओर भागी और भाग कर पानी दे आई जिसे पीकर रीना के मानों जान में जान आई। वो अभी बैठी ही थी कि पति देव ने गरम रोटी की फरमाइश की … Read more

सास को कभी बहू की तकलीफ नहीं दिखती –  रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रीना एक सीधी-सादी, पढ़ी-लिखी और बहुत संस्कारी लड़की थी। उसकी नई-नई शादी हुई थी। वह हर रिश्ते को निभाने में विश्वास रखती थी। जब वह अपने ससुराल आई, तो यही ठान लिया था कि इस घर को भी अपने मायके जैसा प्यार देगी, और सबका दिल जीत लेगी। रीना की सास अक्सर बीमार रहती थीं। … Read more

बहू भी कोई कठपुतली नहीं होती – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“बहू, आज ऑफिस से जरा जल्दी आ जाना….शाम को अर्पिता के यहां जाना है….” ममता ने कहा। “माफ करना मां जी…. मेरा वहां जाना ऐसा भी कोई जरूरी नहीं है जो कि ऑफिस से हाफ छुट्टी ली जाए और वैसे भी हमारे ही इतने जरूरी काम आ जाते हैं जिनमें छुट्टी लेना जरूरी हो जाता … Read more

बहू भी इंसान होती है रोबोट नहीं – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

अलार्म की आवाज सुनकर मेनका की आंख खुल गई इस समय सुबह के 5 बजे थे उसका उठने का मन नहीं कर रहा था उसे कल रात सोने में बहुत देर हो गई थी ननद ने अपने बेटे का जन्मदिन यहीं अपने मायके में बनाया था केक से लेकर खाने का सभी सामान घर में … Read more

सास को बहू की तकलीफ नहीं दिखती – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

विनी के दोनों बच्चे एकसाथ बीमार हो गए,उसकी सास ने विनी की ननद मीशा को फौरन खबर भेजी,वो भी अपनी दो बेटियों को लेकर अगली ट्रेन से आ पहुंची। मायके में हुई छोटी से छोटी घटना पर मीशा भी अपनी गृहस्थी छोड़ पलायन करने में कभी नहीं चूकती! विनी खुश हुई कि चलो जीजी आ … Read more

कठपुतली – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

सरोज पति के साथ जयपुर भ्रमण पर निकली थी। वर्षों से घर -गृहस्थी में व्यस्त रहने के कारण उसे खुद के लिए सोचने का समय ही नहीं मिला। बच्चों के बाहर चले जाने के बाद उसकी जिंदगी में एकाकीपन ने डेरा जमा लिया।उसकी गहरी ऑंखों में अक्सर नीले आसमान -सा सूनापन दिखता था,तो कभी नीली … Read more

क्योकि वो इंसान थी – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जख्मी तन और मन के साथ पड़ी थी वो एक कोने मे , सुनसान जगह थी वो जहाँ दिन ढलने के बाद इक्का दुक्का लोग ही नज़र आते थे । रात धीरे धीरे गहराती जा रही थी पर वो वही पड़ी थी दीन दुनिया से बेखबर , उसकी हालत ऐसी थी ही नही कि वो … Read more

सास को बहू की तकलीफ नहीं दिखती है – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

 सुबह होते ही घर में भानु की आवाज गूंजने लगी।अरे धनिया कहां रह गई जरा चूल्हे पर गर्म तेल करके ले आ और मेरे घुटने में लगा दे। तुझे पता है ना। ठंडी के दिनों में मेरे कितना दर्द हो जाता है और हां जब तेल गर्म कर के लाएगी तो  लगे हाथ एक चाय … Read more

सिसकियाॅं – संजना सिंह : Moral Stories in Hindi

मालती देवी के लिए जीवन एक खुली किताब था, जिसके हर पृष्ठ पर नियम और अनुशासन साफ-साफ लिखे थे। वह अपने जमाने की सबसे प्रतिष्ठित अध्यापिकाओं में से थीं, जिनकी बातें उनके छात्र कभी नहीं टालते थे। अब सेवानिवृत्त होने के बाद, उनका पूरा ध्यान अपने घर और बेटे के परिवार पर था। उनके बेटे … Read more

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