इंसानियत अभी जीवित है – गीता वाधवानी
महानगर मुंबई, एक छोटी सी खोली में रहने वाले तीन दोस्त। नवीन, अजय और सुनील। नवीन किसी कंपनी के ऑफिस में पिओन का काम करता था। अजय और सुनील एक जूते बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे। तीनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे और मिल बांटकर गुजारा करते थे। तीनों को घर पर … Read more