मां का संदूक – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

राहुल उस दिन घर आया तो आँगन में धूप सुनहरी चादर बिछाए खड़ी थी। कोने में माँ बैठी थीं—झुकी कमर, काँपते हाथ, आँखों पर मोटा चश्मा। उनके सामने रखा था एक पुराना लकड़ी का संदूक, जिसकी काली पेंट जगह-जगह से उखड़ चुकी थी। राहुल ने अनमनेपन से कहा— “माँ, इस जंग लगे संदूक में अब … Read more

ममता – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

“सर जितनी फीस आप के मैनुअल में लिखी हुई थी, मैं सारी जमा करा चुका हूँ। अब ये लैब चार्ज, लाइब्रेरी फीस अलग से कहाँ से आ गई।” “ये तो होता ही है।” सामने बैठे क्लार्क से रुखाई से जवाब दिया।  “मगर मैं तो पिछले बीस दिन से आप के कौलेज का एक एक एक्स्पैंस, … Read more

विश्वासघात – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

दोनों गाड़ी में बैठ गए पहले से ही सोचकर आए सोहैल की नीयत उसके कपड़ो उसके गले मे सोने की चैन हाथों में अंगूठियां देखकर खराब हो गई और मन ही मन उसने सोचा कि ये घर आने वाला है मेरे अलावा किसी को पता नही है अगर मैं इसको ठिकाने लगा दूं तो ये … Read more

विश्वासघात – उर्वी झुनझुनवाला : Moral Stories in Hindi

कहते हैं, रिश्ते विश्वास पर टिके होते हैं। एक बार यह धागा टूट जाए, तो फिर लाख जोड़ने की कोशिश करो, कहीं-न-कहीं दरार बाकी रह ही जाती है। राजीव एक महत्वाकांक्षी युवक था। छोटे से कस्बे से निकलकर उसने शहर में अपनी पहचान बनाई थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वह बेहद होशियार और … Read more

प्रोफेसर विद्रोही – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

प्रोफेसर विद्रोही आराम कुर्सी पर लंबे पाँव फैलाए कॉफी का कप हाथ में लिए उदास निगाहों से अपनी स्वर्गीय पत्नि की बड़ी सी श्वेत श्याम तस्वीर को निहार रहे थे। तस्वीर के ऊपर जड़े शीशे पर उन्होंने मालती के माथे पर एक लाल बिंदी चिपका रखी थी। कभी कभी उन्हे लगता कि मेहंदी लगे हाथों … Read more

एहसास – खुशी : Moral Stories in Hindi

जमुना प्रसाद जी और जानकी जी के तीन बेटे अमर अजय और  केशव थे और कुछ वर्ष बाद एक बेटी गीता हुई सब भाइयों में सबसे छोटी पिताजी उसे प्यार करते पर मा का दिल तो अपने बेटों में था।जमुना प्रसाद की कपड़ों की दुकान थी बीच बाजार में जो चलती भी बहुत थी।बड़ा बेटा … Read more

 रिश्ता – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

राजू के पैदा होते ही उसकी मां गुजर गई थी और जब वो 7 साल का था, उसके पिता भी गुजर गए थे। दादी थी नही, इसलिए दादा ने जैसे तैसे बड़ा किया। 15 साल की उम्र में दादा भी साथ छोड़ गए। पेट भरने के लिए उसने पढ़ाई छोड़ दी और एक स्कूटर रिपेयर … Read more

विश्वासघात -बिमला रावत : Moral Stories in Hindi

राधिका जी शाम की चाय पी रही थी कक तभी गेट की घंटी बजी, देखा तो श्यामा जी थी। राधिका जी ने श्यामा जी का बडे गमम जोशी से स्वागत ककया। करती भी क्यों नहीं, दोनों की दोस्ती पचास साल पुरानी थी। राधिका जी ने श्यामा जी से कहा, ‘तुम बैठो, मैंतुम्हारे ललए चाय बना … Read more

यादों की पोटली – प्रतिमा पाठक : Moral Stories in Hindi

बात उन दिनों की है, जब मैं शिक्षिका थी।दिल्ली के एस.जे. मॉडल स्कूल में मैंने तीन वर्षों तक अध्यापन कार्य किया। यह केवल नौकरी नहीं थी, बल्कि आत्मा को संतुष्टि देने वाला अनुभव था। कक्षा की चौखट पर कदम रखते ही ऐसा लगता था मानो जीवन रूपी किताब का एक नया पन्ना खुल रहा हो। … Read more

कैसी सजा – देवसेना दुत्ता : Moral Stories in Hindi

रीमा आरू से फोन पर बात कर रही थी।आरू अपने घर की और बच्चों की बातें कर रही थी। खुशियां,शिकायतें और छोटी-छोटी ढेरों बातें।बातें आज की होते-होते पुराने समय तक पहुंच गई। आरू ने अपनी 25वीं शादी की सालगिरह पर उसे न्योता देने के लिए फोन किया था। शुभकामनाएं देते हुए रीमा ने आने का … Read more

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