अदृश्य सूत्र – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi
सुबह की धूप ने ‘रामू टी स्टॉल’ के जर्जर शटर पर सोने की धारियाँ खींच दीं। अंदर, रामशरण शर्मा, ‘रामू काका’ के नाम से मशहूर, अपनी कहानियों से भी पुरानी उम्र के स्टील के केतली को घिस रहे थे। उनकी आँखों में जीवन की राख-सी उदासी थी। पचास साल की चाय बेचने की रस्म अदायगी … Read more