सावन की पहली बारिश – डॉ पारुल अग्रवाल
बाहर बादल बहुत तेज़ गरज रहे थे, मूसलाधार बारिश हो रही थी। सर्दी की बारिश वैसे भी सबको घर के अंदर रहने को मजबूर कर देती है। दामिनी जी बड़ी सी हवेली में आग के सामने आरामकुर्सी पर बैठ अपने बीते दिनों को याद कर रही थी। एक समय कैसे ये हवेली हंसी और ठहाको … Read more