ओल की चटनी – संजय सहरिया
योगिता को देखने लड़के वाले आ गए थे.ड्राइंग रूम में योगिता के पापा ,ताऊजी और भैया उनकी खातिरदारी में लगे हुए थे. योगिता को तैयार करने उसकी दो सहेलियां आयी हुई थी.मां लगातार हिदायत दे रही थी बेटी को.योगिता एक पढ़ी लिखी और समझदार लड़की थी.पर माँ तो माँ होती है.वो छोटी छोटी बाते भी … Read more