आंसुओं का मोल – कमलेश आहूजा
चंदा रे मेरे भैया से कहना बहना याद करे..दूर कहीं रेडिओ में गाना बज रहा था और गाना सुनकर मेघा की आंखों से अश्रु की धारा बह रही थी।रक्षाबंधन का दिन था,उसे छोटे भाई रोहन की बहुत याद आ रही थी जो कुसंगति में पड़कर घर छोड़कर चला गया था।मेघा अपने भाई से बहुत प्यार … Read more