मैं बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं बनूँगी – सुल्ताना खातून
रात को एक बजे अपनी चार वर्षीय, बुखार से तपती बेटी को कंधे पर उठाए, वह तेज़ कदमों से चली जा रही थी, ऐसा लग रहा था मानो वह दौड़ रही हो, और कैसे ना दौड़ती माँ थी, उसके नाज़ुक कंधे अब मजबूत हो चुके थे…1 किलो मीटर पैदल चलना उसके लिए कुछ भी न … Read more