लांग ड्राइव – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’
बादल गरज गरज कर बरस रहे थे। खिड़की के सामने खड़ी नीकिता की आॅ॑खे भी आज बरस रही थी। रोते रोते नीकिता अतीत मे खो गई। “अमन क्या बात है आज आप समय से पहले ही आफिस आ गए।” नीकिता ने अधरो पर मुस्कान बिखेरते हुए कहा। “हाॅ॑ नीकिता…वो मुझे तुमसे कुछ कहना है।” “अरे … Read more