सबै दिन होत न एक समान – कुमुद चतुर्वेदी
पूजा अपने माँ,बाप की लाड़ली और इकलौती संतान होने के कारण स्वभाव से जिद्दी और मनमौजी हो गई थी।हालाँकि माला उसको गलत बात पर डाँटती भी थी पर वह पापा से माँ की शिकायत करती तो मनोहर उसीके सामने माला से कहते “अरे हमारी पूजा बहुत समझदार है वह कभी कोई गलती नहीं कर सकती,अभी … Read more