एक प्यारा रिश्ता – नंदिनी

एक अबोध बालक उम्र होगी लगभग  5 से 6 वर्ष  ,बस स्टैंड पर भीड़ के चलते अपने  परिवार से बिछड़ गया । उसका परिवार मेहनत महदूरी करके पेट भरता था किसी ने कहा फलां जगह मजदूरी का काम है अच्छा ,तो चल पड़ा परिवार पोटले बांध कर , भीड़ में हाथ छुटा तो मिला ही … Read more

एक रिश्ता शुक्र तारे सा – लतिका श्रीवास्तव

नमस्ते चाचीजी  जी नमस्ते चाचा जी …. वही आदर भरा  मधुर सम्मोहित संबोधन सुन कर वसुधा जी ने भी पलट कर नमस्ते नमस्ते बेटा ..कैसी हो सब बढ़िया है ना..!!कहा तो बदले में उत्साह से भरा..” जी चाचीजी आपका आशीर्वाद है ……प्रत्युत्तर मानो दिल से ही निकला…मुस्कुराहटो का आदान प्रदान हुआ और वो आगे बढ़ … Read more

बेनाम रिश्तों का अनोखा एहसास – पिंकी सिंघल

कुछ लोग अपने होकर भी पराए लगते हैं… कुछ अनजानों से दिल का रिश्ता बन जाता है.. किसी ने सच ही कहा है कि हमारे जीवन में कुछ रिश्ते हम स्वयं नहीं बनाते अपितु ऊपरवाला हमारे लिए बना कर भेजता है ।ऐसा ही एक रिश्ता होता है दोस्ती का रिश्ता। माना कि दोस्ती के लिए … Read more

प्यारा रिश्ता – गुरविंदर टूटेजा

   मेहर ने मम्मी को मनाते हुए बोला….मम्मा एक बार मिलिये तो आप सहज से बहुत अच्छा है पापा को भी बताइये ना…!! हाँ मम्मी दीदी सही कह रही है मैं भी मिला हूँ बहुत अच्छा है…!! अच्छा बेटा इस बारें में तुमकों भी पता था…!!  थैंक यू मानव मेरा साथ देने के लिए कहते हुए … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी – रोनिता कुंडू

क्या हुआ विमला..? सुबह से दरवाजे पर नज़रे टिकाई हो… वह तो अब ससुराल गई… उसकी आस अब छोड़ दो… हमदर्दी का रिश्ता था, कोई अपनी तो थी नहीं… और वैसे भी तुम उसकी शादी में नहीं गई, नाराज़ भी तो होगी…? सरला जी ने विमला जी से कहा… इतने में एक लड़की दुल्हन के … Read more

रिश्ते – डा. नरेंद्र शुक्ल

पूरे सात वर्षों के बाद मनोहर अपने गॉंव चाचा के पास जा रहा था । चाचा नेे उसे जरूरी काम से बुलाया है । क्या काम हो सकता है ? चाचा ठीक तो है ? उसके मन में कई प्रशन उभर रहे थे । उसके चाचा इस धरती पर उसके लिये भगवान द्वारा भेजे हुये … Read more

डेस्टिनी – मधु मिश्रा

“मम्मी! 16 ता. को हमारे नये घर की प्रतिष्ठा है, पूजा में आप ज़ल्दी आ जाना न.. वैसे तो निखिल भी फ़ोन करेंगे आपको… कब आओगी आप कन्फर्म हो जायेगा तो बताना, मैं रिजर्वेशन करवा दूंगी…इस बार , दो चार दिनों की छुट्टी एक्स्ट्रा लेकर आना न मम्मी .. मैं साथ रहना चाहती हूँ आपके… … Read more

 अनजान मंजिल – बालेश्वर गुप्ता

 अरे रमा तुझे क्या हुआ ,सुबह तक तो ठीक थी?      कुछ नही ललिया, हॉस्पिटल तक गयी थी,सब ठीक हो गया है।     क्या ठीक हो गया है? मुझे वो ही हो गया है, जो झुमरी को हुआ है, मुझे भी एक ग्राहक मिल गया है, ललिया, डॉक्टर साहब  पूरे दो लाख रुपये दिला देंगे,और नौ महीने … Read more

शायद – बेला पुनिवाला

रवि ने ज़ोर से आवाज़ लगाई, ” मेरी फाइल कहाँ है ? जो मैंने परसो रात को अपने टेबल पे रखी थी, जो आज नहीं मिल रही। “     मैं अपना सब काम छोड़ के रवि के पास दौड़ी और रवि को कहाँ, कि ” आप बस दो मिनिट रुकिए मैं अभी अलमारी में से ढूँढ … Read more

कुंडली – संजय मृदुल

गणेशी को अस्पताल में आज आठ दिन हो गए। सब परेशान है क्या होगा। डॉक्टर भी कुछ साफ-साफ नही बता रहे हैं। सब रिश्तेदार मुकुल को कोस रहे हैं कि उसके कारण गणेशी का ये हाल हुआ है। क्या जरूरत थी उसे अपनी पसन्द से शादी करने की, वो भी दूसरी जाति की लड़की। परिवार … Read more

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