नृत्यांगना – अनुराधा श्रीवास्तव “अंतरा”
बहुत समय पहले की बात है। एक नृत्यांगना थी, दमयन्ती। बेहद खूबसूरत। उसकी खूबसूरती देखकर पुरूष तो पुरूष, महिलायें भी दांतों तले उंगलियां दबा लेती थीं। रूप ऐसा मनमोहन जैसे भगवान ने उसे गढ़ने में सदियाॅं लगायी हों, एक एक अंग तराशा हुआ, नृत्य की कला में ऐसी माहिर कि जिस राज्य में वह नृत्य … Read more