बानी –  शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: बानी अपने परिवार की दूसरी बेटी थी। रंग गेहुंआ था तो दादी की लाड़ली नहीं‌ बन पाई थी।घर में बीस लोग रहते थे। दो छोटी बहनें और एक भाई था।  पिताजी शिक्षक थे विद्यालय में।कुछ ट्यूशन घर पर भी पढ़ाते थे। पुरोहित भी थे वे।कुल मिलाकर सारा‌ दिन‌ कड़ी मेहनत करते … Read more

सुख दुख का साथी –  कामिनी मिश्रा कनक  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: दादू दादू…… दादी दादी…. कहां है आप सब, मुझे यह आवाज सुनकर ऐसा लग रहा था मानों जैसे मैं सपना देख रही हूं, झट मैंने कुणाल के बापू से पूछा, क्या आपको भी किसी बच्चे की आवाज आ रही है । कुणाल के बापू हां मालती आवाज तो आ रही है … Read more

सुख दुख –  नीलम शर्मा  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: सर्दी की रात थी जनवरी का महिना था सब नाचने मे मगन थे पर कोई था जो मजबूर और दुःखी था  पर फिर भी बड़ी मेहनत से अपना काम कर रहा था        अवि के दोस्त की शादी थी 19 जनवरी शाम के समय बारात प्रस्थान कर चुकी थी साथ ही बैंड … Read more

सुख दुख का साथी- रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: कारवां पर गाना बज रहा था… दिन महीने साल गुजरते जाएँगे हम ….सुन कर कामिनी जी उसके साथ साथ गुनगुनाने लगी ..अधरों पर एक मुस्कान आ गई… जैसे ही ये पैराग्राफ़ आया …  दुख सुख का साथी हा जी तुम्हें बनाया है … सुनते ही बरबस उनकी आँखों से आँसू की … Read more

पिंजरा – नरेश वर्मा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: गुरुग्राम 45 सेक्टर की आवासीय कालोनी के ग्राउंड फ़्लोर पर एम आई जी फ़्लैट के 305 नंबर की कहानी है यह।फ़्लैट में दो प्राणियों का निवास है।सुधांशु मित्तल उम्र 59 वर्ष एवं श्रीमती सुलोचना मित्तल उम्र 57 वर्ष ।एक पुत्र आशीष पत्नी के साथ अमेरिका में सैटल है और पुत्री अपने … Read more

समर्पण – पूजा गीत : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi:  ऑपरेशन थिएटर में हल्का होश आते ही मैंने डॉक्टर से पूछा, बेटा है या बेटी? उन्होंने पूछा, आपको क्या चाहिए था? “बेटी” मेरी लड़खड़ाती आवाज में ये सुन डॉक्टर और पूरा सहयोगी स्टाफ हँस पड़ा. क्या बात है! आप दोनों को ही बेटी चाहिए. मेरा मतलब आपको और आपके पति को. … Read more

रणभेदी – रीमा ठाकुर : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: बड़े बड़े    सरकंडे ‘घनी घास उसपर दलदल “ जाने कितनी  देर और चलना होगाः ” इनके बीच “ नरकुल के पेड हल्की हवा के साथ ” झूम रहे थे!  चांदनी रात चांद अपने सौदर्य से ” तारों के बीच मुस्कुरा रहा था!  पूस का महिना ” पर आकाश बिना परवाह … Read more

मैं अपने संस्कारों पर अविश्वास कर बैठी – सरोज माहेश्वरी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi:  रात को ११ बजे आकांक्षा ने जैसे ही स्कूटी से अपनी कॉलोनी में प्रवेश किया … रात के भोजन के बाद कॉलोनी में टहलने वालों की निगाहें उसे ऐसे घूर रहीं थीं मानों उसने कुछ अपराध किया हो … मिसेज पाटील की ऑंखें मिसेज वर्मा को कुछ  इशारा कर रही थीं.. … Read more

पर उपदेश कुशल बहुतेरे !!- संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: पागल हो गई है तुम्हारी बेटी….. और कुछ नहीं…. इतना अच्छा लड़का है …सरकारी नौकरी.. क्लास वन ऑफिसर ….खुद चलकर रिश्ता सामने से आया है ….तो अभी नहीं …ऐसा नहीं …वैसा नहीं….! कभी-कभी तो लगता है ना …वो पुराना जमाना ही ठीक था ….मां बाप बच्चों के लिए उपयुक्त लड़का या … Read more

कभी नहीं – रजनी श्रीवास्तव “अनंता” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: “तुम यहाँ?”  आकाश को अपने घर पर देखकर सीमा चौंक गई।  “क्यों? नहीं आना चाहिए था?” मुस्कुराते हुए आकाश ने पूछा। “मैं क्या कहूं, तुम ज्यादा अच्छे से बता सकते हो! कहो, कैसे आना हुआ?” सीमा ने बिल्कुल सपाट लहजे में पूछा। आकाश थोड़ा सकपकाया, फिर संभलते हुए बोला- “माँ जी … Read more

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