गुस्सा – खुशी

राजन इतना गुस्सा अच्छी बात नहीं है ये सब बर्बाद कर देगा समझो जरा।क्या समझू वो सतीश अपनी पत्नी को छोड़ तुम्हारी प्लेट में खाना क्यों लगा रहा था।सतीश मेरी प्लेट में खाना नहीं लगा रहा था वो माधवी के लिए ही ले जा रहा था उसके हाथ में बोल था इसलिए मैने उनकी प्लेट पकड़ने में मदद की वहां और भी तो लोग थे तुम्हें ही क्यों बोला उसने मुझे सब पता है।

राजन तुम वहां तमाशा कर चुके हो अब सो जाओ ।राजन बड़बड़ करते हुए चला गया।पर  राधिका की आंखों से नींद कोसों दूर थी।राजन। और राधिका एक ही कॉलेज में पढ़ते थे।राजन पढ़ने में होशियार ,हैंडसम जो देखे वो फिदा हो जाता बस उसमें एक ही कमी थी उसका गुस्सा ।गुस्से में वो जानवर बन जाता। बहुत छोटी छोटी बातों पर उसे गुस्सा आ जाता।

राधा कॉलेज में उससे एक साल जूनियर थी पर वो मन ही मन राजन को पसंद करती थी।करती भी क्यों नहीं एक बार उसने राधा की हेल्प की थी।राधा राजन की तरफ खींच रही थी उसी बीच एक दिन कॉलेज में झगड़ा हो गया।खबर थी एक लड़का सुबोध नामके राधा के क्लास मैट को पीट रहा है।सब चुप खड़े थे राधा आगे गई बोली क्या मार डालेंगे छोड़िए इसे

।राजन ने पलट कर देखा उस दिन राधा गुलाबी सूट में गुलाब लग रही थी ।वही राजन अपना दिल हार गया और फिर मुलाकाते बढ़ी और कैंपस प्लेसमेंट में उन दोनों का सिलेक्शन अच्छी कंपनी में हो गया।बस राधिका राजन के गुस्से से डरती थी वो उसे समझाती इतना गुस्सा अच्छा नहीं।गुस्से में वो क्या से क्या कर जाता और बाद में पछताता ।

दोनो को बंगलौर में नौकरी लगी ।घर में शादी की बात हुई राधिका के पिता का इस शादी पर विरोध था उन्होंने अपनी जात बिरादरी में उमेश का रिश्ता राधिका के लिए देख रखा था।परंतु राधिका राजन से शादी करना चाहती थी।राजन एक पंजाबी परिवार से था परिवार में माता रचना पिता मनोहर लाल जिनकी सेनेट्री की दुकान थी और एक बहन शालू थी ।

जबकि राधिका के पिता श्याम सुंदर एक सरकारी मुलाजिम थे मां कांता गृहलक्ष्मी और छोटी बहन रीना जो CA की पढ़ाई कर रही थी।राजन अपने परिवार के साथ आया तो राधिका के पिताजी बोले हम चतुर्वेदी ब्राह्मण है हम चाहते है कि हम अपनी जात बिरादरी में लड़की दे मेरे दोस्त राकेश का बेटा उमेश मैने उसे अपनी राधा के लिए पसंद किया है

तो यह रिश्ता नहीं होगा।राजन आपे से बाहर हो गया।और चिल्लाने लगा तू अपनी लड़की की शादी किसी और से कैसे कर सकता है वो मेरी है मै तेरा मुँह तोड़ दूँ गा।राधिका बोली राजन ये कैसे बात कर रहे हो तुम पापा से तुम चुप रहो और चलो यहां से अगर मुझसे शादी करनी है

तो।राजन के पापा भी बोलें  बदतमीज़ किस तरीके से बात कर रहा है।पापा यार आप चुप करो।राजन के माता पिता वहां से चले गए और  राजन भी उन्हें डरा धमका कर चला गया।राधिका बहुत गुस्से में थी उसकें पिता बोले बहुत अच्छा लड़का चुना है तमने जिसे बात करने तक की तमीज नहीं है।

मेरी बेइज़्ज़ती कार्रवाई  तुमने मेरे मरने के बाद उससे शादी कर लेना। मेरे जीते जी ये संभव नहीं। राधिका भी गुस्से में थी उसने राजन को फोन नहीं किया। अगले दिन से राजन का फोन आ रहा था पर राधिका ने जवाब नहीं दिया।राजन को और गुस्सा आ गया और वो उमेश के बैंक चला गया और उसकी पिटाई कर दी।

ये सारा मामला थाने पहुंच गया सबको पता चल गया कि यह लड़का राधिका का बॉय फ्रेंड है और उससे शादी करना चाहता हूं।राजन के पापा ने हाय पैर जोड़े की पुलिस केस ना बने नहीं तो उसके करियर पर दाग लग जाएगा।उमेश के पिता ने पुलिस कंप्लेंट वापस ले ली और राधिका के पिता को समझाया जहां बच्चे चाहते हैं वहां रिश्ता कर दो।

बदनामी और लोक राज के डर  से राधिका के पिता ने राजन और राधिका की शादी करवा दी और साथ ही राधिका से अपना रिश्ता भी खत्म कर लिया। राधिका के मायके के दरवाजे उस पर बंद थे।राधिका और राजन बैंगलोर आ गए।बीच में एक दो बार राजन के माता पिता आए पर उसके स्वभाव के कारण वो भी कम ही आते थे।

यू ही दो साल हो गए राजन और राधिका की शादी को राजन का गुस्सा दिन पर दिन बढ़ ही रहा था इस चक्कर में दो बार नौकरी बदलनी पड़ी।घर बदलने पड़े कभी पार्किंग को लेकर कभी किसी और बात को लेकर वो लड़ पड़ता।अब जिस सोसाइटी में रह रहे थे वो  राधिका के ऑफिस में काम करने वाले सतीश जी ने दिलवाया था।

अच्छे लोग थे राधिका और राजन का ध्यान रखते अपने ग्रुप में भी उन्हें इन्वॉल्व किया ।आज ऐसे ही गेट टू गेदर था जहाँ सब हंस बोल रहे थे।राजन खुद सब से बात कर रहा था।पर जैसे ही उसने सतीश और राधिका को साथ में देखा अपना आपा खो बैठा।वो तो वही शुरू हो गया था पर राधिका उसे ज्यादा बोलने से पहले घर ले आई।उसका व्यहवार देख लोगो को समझ आ गया था कि कुछ हुआ है ये कोई नई बात तो थी नहीं राजन के चीखने चिल्लाने की आवाज़ आ ही जाती थी।

अब वो सतीश और राधिका पर शक करता था कि राधिका का अफेयर चल रहा है सतीश से राधिका का।एक दिन तो कमाल हो गया ऑफिस से निकलते वक्त उमेश मिल गया उसकी ट्रांसफर बैंगलोर हो गई थी वो अपनी पत्नी और  बेटी के साथ यही था। बचपन की जानपहचान थी तो दोनों पास के कैफेटेरिया में चले गए।राधिका ने राजन के व्यहवार के लिए माफी मांगी।उमेश बोला कोई बात नहीं तुम्हारी गलती नहीं थी।तभी वहां राजन आ गया

और शुरू हो गया तेरा पेट कितने आदमियों से भरेगा मै वो सतीश और अपने पुराने आशिक को भी यहाँ ले आई ।राजन क्या कह रहे हो।सही तो कह रहा हूं और तू तेरी बतीसी तोड़ी थीं मैने फिर भी तू बाज़ नहीं आया।तेरा दूसरा आशिक़ बाहर तेरा इंतजार कर रहा था।पहला आशिक यहां बैठा है चलो यहां से तुमने पी रखी हैं।राधिका ने राजन का हाथ पकड़ा राजन ने राधिका को एक चाट।

लगा दिया।राधिका घर आ गई सब लोग उसे अजीब नजरों से देख रहे थे।राधिका घर पहुंची वो आज इतनी बे इज़्ज़त हुई थी ।राजन  ने उसे क्या समझ रखा हैं बस बहुत हुआ अब मै इस शक्की और गुस्सैल आदमी के साथ नहीं रहूंगी। काफी देर रोने के बाद जैसे ही राधिका बेड से उठी उसे चक्कर आ गया।उसने अपने आपको जैसे तैसे संभाला और कैब बुला डॉक्टर के पास गई डॉक्टर ने बताया u are pregnant इतनी बड़ी खुशी राधिका राजन से साझा करना चाहती थी

वो घर की तरफ चल पड़ी।राजन आ चुका था गुस्से में दरवाजा खोलते ही बोला अब किसके पास गई थी सामने दरवाजे पर शर्मा जी खड़े थे।राधिका अंदर आई बोली चलो राजन मै तुम्हे एक खुशखबरी सुनाती हूं i am expecting तुम पापा बनने वाले हो ये बच्चा मेरा नहीं तेरे यार सतीश का है या उस उमेश का है बादजात तेरे से मैने प्यार किया और तू मुझे धोखा देती रही तेरी वजह से आज मेरी नौकरी भी चली गई।

राजन तुम क्या कह रहे हो तुमने इतनी पी रखी हैं ये हमारा बच्चा है हम एक दूसरे से कितना प्यार करते है और तुम कैसी बातें कर रहे हो।राजन बोला दूर हो उसने राधिका को धक्का दिया राधिका गिर गई और थोड़ी देर में उसे ब्लीडिंग स्टार्ट हो गई वो बेहोश पड़ी थी और राजन नशे में धुत कमरे में अगली सुबह मेड आई तो उसने आस पड़ोस वालो को कह एम्बुलेंस मंगवाई ।राधिका को एडमिट किया गया सब खत्म हो चुका था।राधिका टूट गई उसने वकील को बुला डाइवोर्स केस फाइल कर दिया उसने एलुमनी से भी इनकार कर दिया बोली मुझे इस आदमी की परछाई भी अपने जीवन में नहीं चाहिए।

राजन ने माफी मांगने की कोशिश की पर राधिका बोली इस चरित्र हीन महिला से दूर रहो।राधिका अपना सामान ले कर चली गई और सोसाइटी वालों ने राजन को घर खाली करने का नोटिस दे दिया।उस दिन शाम को उसे सतीश दिखा वो उसे कुछ कहता इससे पहले सतीश उसे अपने घर ले गया और बोला तुम्हारे शक  ने तुम्हारा परिवार तबाह कर दिया।राधिका तुम्हे बहुत चाहती थीं वो मुझे बड़े भाई सम्मान और माधवी को अपनी बहन मानती थी।माधवी की हालत नाजुक

होने के कारण वो हमारे घर आती जाती और उसका ध्यान रखती थी पर तुम्हारे गुस्से और शक ने सब तबाह कर दिया।मेरी बहन से तुमने फिर उसका मायका छीन लिया तुम्हारे लिए अपना घर परिवार सब छोड़ दिया उसने तुमने उसे ही छोड़ दिया।राजन अगले दिन राधिका के ऑफिस गया पता चला उसने गुरुग्राम ट्रांसफर ले ली है।राजन का  

खुशी 

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