आज के डिजिटल युग में अधिकांश युवाओं के लिए रील मेकिंग मनोरंजन का साधन बन गया है. मनोरंजन करते करते ज्ञान और कला मैं वृद्धि होनी स्वभाविक है. कुछ लोग अपनी इस कला को अपनी आय का ज़रिया बना लेते है.
छोटे छोटे विडिओ बनाकर अपने हुनर को दुनियाँ तक पहुंचा रहे है. इस काम के लिए कोई अच्छा सा टॉपिक लेकर उस पर लगातार रील बनाना ज्यादा बेहतर होता है. जैसे ट्रेवल, फ़ूड, गेजेट्स, ऑटो मोबाइल, मोबाइल आदि. इससे एक बड़ा फायदा ये है की इस क्षेत्र की जानकारी के लिए लोग अपने आप जुड़ने लगते है और फॉलोर्स बढ़ते जाते है. आगे चलकर यही कमाई का जरिया बनता है.
रील बनाने की कुछ दुष्प्रवाह भी है. कुछ लोग केवल छोटी छोटी रील बनाकर अपना पैसा और समय दोनों बर्बाद करते ही हैं और
अपनी पढ़ाई लिखाई से भी दूर हों जाते है.
जहाँ रील बनाना किसी का जीवन सुधार रहा है वहीं बहुत लोगों का जीवन बर्बाद भी कर रहा है.
इसलिए रचनात्मकता और सकारात्मक कार्य जीवन को निखार सकता है और प्रगति के नये
नए अवसर दे सकता है। एक अच्छी रील कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकती है।
आज अनेक छोटे बड़े व्यापारी अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए रीलस का उपयोग कर रहे हैं।
अंत में मैं रील बनाने वालो से अनुरोध करता हूँ की रील बनाने के लिए कभी भी जोखिम उठाकर हादसों को न्योता ना दें. आपकी जान आपके और आपके परिवार के लिए अमूल्य है, इसे रील के लिए कुर्बान ना करे।
एम. पी. सिंह “मोहि “
कोटा, राज़.
स्वरचित