असहनीय दर्द – गीता वाधवानी

 पल्लवी नींद में चिल्ला रही थी” छोड़ो मुझे, अंकल ऐसा मत करो, मुझे छोड़ो। ” 

 उसका पति आकाश हैरान परेशान था। उसकी कल ही पल्लवी से शादी हुई थी और आज वह नींद में चिल्ला रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्यों चिल्ला रही है। उसने झकझोर कर पल्लवी को जगा दिया।          गीता वाधवानी 

 ऐसा लग रहा था कि पल्लवी अभी भी गहरी दर्द में और सदमे में है। उसने आकाश से दूर हटते हुए कहा -” प्लीज अंकल, मुझे हाथ मत लगाना। ” 

 आकाश ने उसे दोनों कंधों से पकड़ कर हिलाते हुए कहा -” पल्लवी होश में आओ, मैं अंकल नहीं तुम्हारा पति आकाश हूं, यह तुम क्या बड़बड़ा रही हो? ” 

     तब जाकर पल्लवी होश में आई और शर्मिंदा सी नजर आने लगी। उसने आकाश को सॉरी बोला और कहा कि मैं एक बुरा सपना देख रही थी। 

 लेकिन आकाश को न जाने क्यों यह बात सच नहीं लगी। उसने सोच लिया था कि एक न एक दिन में सच का पता लगा कर रहूंगा और पल्लवी के माता-पिता से इस बारे में बात करूंगा। 

 आज पल्लवी को आकाश के साथ मायके जाना था। सुबह से कब शाम हो गई, बातों और हंसी मजाक में पता ही नहीं चला। वापसी के समय पल्लवी अपनी मां के साथ अंदर वाले कमरे में चली गई। आकाश चुपचाप उनके पीछे हो लिया। 

 पल्लवी ने अपनी मां से कहा-” मम्मी, कल फिर से वही हुआ, मैं नींद में चिल्ला रही थी, न जाने आकाश क्या सोच रहा होगा, मैंने कह दिया कि एक बुरा सपना आया था। मैं क्या करूं मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा। कहीं ऐसा ना हो मेरे बारे में सच जानकर वह मुझे छोड़ दे। ” 

 मम्मी-” नहीं पल्लवी, आकाश बहुत समझदार है, ऐसा कुछ नहीं होगा। तुम अपने मन का दर्द उसे बता सकती हो। दर्द बांटने से कम हो जाता है, हो सकता है कि उसके बाद तुम्हें वह सपना आना बंद हो जाए और तुम खुशहाल जिंदगी जी सको। बचपन की घटना को दिल पर क्यों लगा कर बैठी हो मेरी बच्ची। उसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी। ” 

 मम्मी और पल्लवी की बातें सुनकर आकाश अंदर आ गया। उसे अंदर आया हुआ देखकर पल्लवी बहुत घबरा गई और रोने लगी। 

 आकाश ने उसे शांति से बिठाया और कहा कि” मुझे पूरी बात बताओ। अभी जो कुछ मैंने सुना मुझे सिर्फ इतना ही समझ आया कि तुम्हारे साथ कोई दुर्घटना हुई थी। ”         गीता वाधवानी 

 तनाव के कारण पल्लवी कुछ बोल नहीं पा रही थी। तब उसकी मम्मी ने आकाश से कहा -” बेटा बहुत साल पहले की बात है, तब पल्लवी लगभग 5 वर्ष की थी। तब वह यू के जी में पढ़ती थी। उसके स्कूल के एक सफाई कर्मचारियों ने उसे बाथरूम में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। मैं जब उसे स्कूल लेने गई तो वह बहुत रो रही थी और कह रही थी कि पेट में दर्द हो रहा है। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, मैं उसे डॉक्टर के पास ले गई, डॉक्टर ने जांच करने के बाद हमें इस दुर्घटना के बारे में बताया। स्कूल में शिकायत करने पर पता लगा कि वह सफाई कर्मचारी उसी दिन वहां से भाग गया था। भाग जाने  के कारण वह आज तक पकड़ा नहीं गया। तब से पल्लवी के मन में डर बैठ गया है और उसे बार-बार इस दुर्घटना का सपना परेशान करता है। तब वह नींद में चिल्लाने लगती है।       गीता वाधवानी

 इस दुर्घटना के बाद वह शादी भी नहीं करना चाहती थी। हमने उसे बहुत ही मुश्किल से शादी के लिए मनाया। उसे यही डर सताता रहता था कि जब उसके पति को पता लगेगा तो वह उसे कभी माफ नहीं करेगा। बेटा अब तुम ही बताओ कि इसमें पल्लवी की क्या गलती थी। वह तो नादान और मासूम थी। हां मैं यह मानती हूं कि हमें तुम्हें यह बात पहले ही बता देनी चाहिए थी, हमने यह छुपा कर बहुत बड़ी गलती की है। बेटा हमें माफ कर देना लेकिन इस बात की सजा मेरी बच्ची पल्लवी को मत देना। हमें तो बस इसके भविष्य की चिंता थी। ” 

 आकाश बहुत ही गंभीर और समझदार लड़का था। उसने कहा-” हां मम्मी जी, यह बात तो आपको शादी से पहले बतानी ही चाहिए थी, खैर कोई बात नहीं। उठो पल्लवी, चलो घर चलते हैं और मेरे घर पर इस बात का किसी से जिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है। मुझे पता है कि इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी। तुम उस समय इतनी छोटी थी, तुम्हारे उस असहनीय दर्द को मैं समझ सकता हूं। “

 दोनों घर चले जाते हैं। उसके बाद आकाश,पल्लवी का हर छोटी बड़ी बात में ध्यान रखता था और उसका साथ देता था। उसने पल्लवी के ऊपर कभी भी अपने पति होने का अधिकार नहीं जताया। वह चाहता था कि पल्लवी पहले अच्छी तरह नॉर्मल हो जाए, उसके बाद वह लोग अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेंगे। 

 आकाश ने बहुत ही सब्र से काम लिया। उसके प्यार और अपनेपन के कारण पल्लवी धीरे-धीरे उस दुर्घटना से बाहर निकल रही थी। अब उसे कभी कभार वह सपना आता था। 

 कुछ समय बीतने पर उसे वह सपना आना बंद हो गया। अब वह बहुत खुश रहने लगी थी। आकाश उसका सबसे अच्छा दोस्त था। धीरे-धीरे आकाश और पल्लवी और करीब आने लगे और आज 2 साल बाद पल्लवी शर्माते हुए आकाश से कह रही थी कि” आप पापा बनने वाले हैं” 

 आकाश खुशी से चिल्लाते हुए-” क्या? क्या कहा तुमने, एक बार फिर से कहो। ” 

 पल्लवी ने शरमा  कर अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया और आकाश ने उसे अपनी गोद में उठाकर बेड पर लिटा दिया और बोला-” मेरी प्यारी पल्लवी, आज से तुम आराम करना और यह बंदा आपकी सेवा करेगा। ” 

 दोनों इस बात पर जोर-जोर से हंसने लगे। दोस्तों आपको कहानी कैसी लगी? प्यार और समझदारी से हर मुश्किल का हल निकाला जा सकता है। 

 स्वरचित,अप्रकाशित गीता वाधवानी दिल्ली

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