बहु आँखों में आंसू भर अपने सास के पांव पर झुक गई – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

सुनो रजत, मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती , आखिर मैं अकेली क्या क्या करूँ।  मुझे घर दफ़्तर सब देखना पड़ता है और अभी कुछ टाइम में हमारे बीच एक बच्चे की ज़िम्मेदारी भी होगी , ऐसे में तुम्हारी माँ की ज़िम्मेदारी भी मुझे ही उठानी पड़ रही है , वो ख़ुद तो सारा … Read more

बीस साल पहले … – सीमा वर्णिका : Moral Stories in Hindi

जेल की लम्बी सजा काट कर प्रमोद आज रिहा हो रहा था। वह समझ नहीं पा रहा था खुश हो या अफ़सोस मनाए । वह जेल के फाटक के बाहर जड़वत खड़ा सोच रहा था किधर जाए। वहाँ जहाँ उसके परिजनों ने उसे अपराधी मान जेल के सींखचों के पीछे जीवन काटने को मजबूर किया। … Read more

नाराज – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

दीपावली नजदीक आ रही है.. चारो तरफ त्योहार की धूम है.. कितनी जद्दोजहद और जलालत सहने के बाद आज समर के साथ बंधे बेमेल रिश्ते से मुक्ति मिली.. मंजुला सोच रही थी कि मैं इस फैसले से मुक्त होने पर खुशियां मनाऊं या फिर अपने अनिश्चित भविष्य को लेकर दुःखी हो जाऊं.. मैं अपनी किस्मत … Read more

घर-वापसी – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

देखते-देखते केशव जी के रिटायरमेंट का दिन आ पहुँचा । आज सुबह तीन बजे ही उनकी आँख खुल गई थी । हर रोज़ चार बजे उठते थे । पहले तो दस मिनट लेटे रहे फिर उठकर पानी पिया , सोने की कोशिश की फिर अजीब सी बेचैनी महसूस हुई तो खड़े होकर कमरे की बत्ती … Read more

बहु हो तो तारा जैसी – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सूरत तो सभी देखते  सीरत ना देखे कोई, कोई कोई भगवान का भैया  सीरत जो समझे कोई। तारा शादी का एल्बम देखते देखते 18 वर्ष पहले  की यादों में पहुंच गई। जब तारा को देखने लड़के वाले आ रहे थे।ये छठी बार था जब तारा को कोई लड़के वाले देखने आ रहे थे। रोज-रोज के … Read more

नाराज नहीं खुश हूं तुमसे – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

नंदिनी घर में सफाई करके जैसे ही खाना बनाने के लिए रसोई में  आई तो उसने देखा उसकी सास शकुंतला चूल्हे पर कढी पकोड़ी बना रही थी सास को कढी बनाते देखकर नंदिनी डर गई दरअसल कुछ दिन पहले उसकी सास ने उससे कढ़ी बनाने के लिए कहा था परंतु, घर में  ज्यादा काम करने … Read more

ममता – निभा राजीव “निर्वी” : Moral Stories in Hindi

सोफे पर बैठ नेलपेंट लगाते हुए सुषमा ने वरुण से पूछा, “- वरुण! शॉपिंग के लिए हम कब चल रहे हैं..?.. मुझे ढेर सारी शॉपिंग करनी है जाने के पहले…” वरुण ने लैपटॉप पर दृष्टि जमाए हुए ही कहा, “-अरे चलते हैं ना थोड़ी देर में…सोचा पहले मैं पेंडिंग काम तो निपटा लूं ऑफिस का…” … Read more

बहु आंखों में आसूं भर अपने सास के पांव पर झुक गई – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

एक औरत के लिए उसके पति की खुशी और उनके मान सम्मान से बढ़ कर कुछ नही होता पर क्या एक पति भी अपनी पत्नी के मान सम्मान की रक्षा अपने ही घर में कर पाता है? कामिनी जी और उनके पति पंकज जी का इकलौता बेटा अभिनव जो उनकी शादी के ६ साल बाद … Read more

नाराज – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

सुधा अपने बेटे शलभ से बेहद नाराज थी क्योंकि उसने उनकी मर्जा के खिलाफ सिया से लव मैरिज की थी!वे उठते-बैठते अपने जहरीले वाक्य बाणों के तीरों से बेचारी सिया का दिल छलनी किया करतीं! सिया चुपचाप उनकी नाराजगी और हर अत्याचार को बर्दाश्त करती !शलभ से बेइंतिहा प्यार जो करती थी! सिया हर वक्त … Read more

क्या सच में सासु माँ नाराज़ नहीं है…. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ यार पहले हमें घर जाना होगा माँ ने बुलाया है…।” अपनी माँ से बात करने के बाद फ़ोन रखते हुए निकुंज ने राशि से कहा  “ पर मैं तो पहले अपने घर जाने वाली हूँ … उसके बाद माँ के पास जाने का प्रोग्राम बनाया था ताकि उधर ज़्यादा दिन रूक कर उधर से … Read more

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