जीवनसाथी – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” मैं सिर्फ आपकी पत्नी और इस घर की बहू ही नहीं प्रथम किसी की बेटी भी हूं अगर यहां मेरे फर्ज हैं तो वहां भी कुछ फर्ज बनते हैं तुमने और तुम्हारे घर वालों ने कैसे सोच लिया कि मेरे पापा वहां जिंदगी मौत से लड़ रहे है और मैं यहां खुशियां मनाऊं!” मान्या … Read more

आख़िरी इच्छा – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

मंजू अपने पति से कहती है कि देखो जी ! संजू आज आठ वर्ष का हो गया है । हमने इसे पाने के लिए कितनी मिन्नतें और मुरादें की थी । अब हमें भी अपनी क़सम पूरी करनी चाहिए । क़सम ! कौन सी क़सम ? देखो जी ,अब आप टाल-मटोल मत करो ।आपको अच्छे … Read more

रिश्तों में आई दरार – कविता झा ‘अविका’: Moral stories in hindi

दोस्तों के बहकावे में आकर मैंने अपना वो पुस्तैनी मकान बेच दिया था। मां ने कई बार मुझसे कहा था कि… ” सुहास इसमें  तुम्हारी बहनों का भी हक बनता है, तुम्हें उनका हिस्सा दे देना चाहिए। बहनों को देने से बरक्कत ही होती है और पिता के बाद तुम्हीं पर पूरा दायित्व आ जाता … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा बेटा- प्राची संकेत  : Moral stories in hindi

मां मां जानकी ने आवाज लगाते हुए कहा तो प्राची की नींद टूटी मां आप ये नींद में क्या कह रही थी कि जो मेरे साथ हुआ बो तुम्हारे साथ नहीं होने दूंगी मेरी बच्ची,  प्राची ने कहा -कुछ नहीं बेटा ओर     बात को टालते हुए पूछा अच्छा ये बताओ कैसी रही आज … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तेरे साथ नही होने दूंगी – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

दीदी आप समझाओ ना पापा को कह रहे है कोई जरूरत नहीं है नौकरी करने की अब शादी कर लो फिर तुम्हारे ससुराल वाले जो कहे वो करना अगर वो राजी हो तो कर लेना नौकरी । नौकरी के चक्कर मैं फिर उम्र निकल जायेगी फिर अच्छे लड़के नही मिलते अभी रिश्ता आया है सोनल … Read more

माता-पिता को एकांतता देना भी हमारा दायित्व है-के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

मनोज एक सरकारी दफ्तर में ऑफ़िसर के पद पर जॉइन हुआ था । सब उसके नसीब पर ईर्ष्या करते थे कि छोटी सी उम्र में ही उसे इतनी अच्छी नौकरी मिल गई है । माता-पिता की तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था। उनके घर के सामने लड़कियों के पिताओं ने लाइन लगा दी थी … Read more

ऐसे घरवालों की ज़रूरत नहीं! – प्रियंका सक्सेना : Moral stories in hindi

राकेश ने फोन पर अपनी भाभी को उलाहना दिया,” अक्षय की शादी तय कर दी आपने और हमें बताया भी नहीं, भाभी।” “भैया, सब जल्दी जल्दी में हो गया। आपको आज फोन करने ही वाली थी।” सीमा ने बेचारगी से कहा ” बस बस भाभी! बातें नहीं बनाओ। वो तो अक्षय का दोस्त सुधांशु मिल … Read more

फ़ैसला – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

”सुनती हो… अरे कहाँ हो भाई जल्दी बाहर आओ।” हाथों में सामान का थैला थामे जैसे ही घर के दरवाज़े के भीतर पाँव रखे राजेश्वर जी पत्नी सुनंदा जी को आवाज़ देने लगे रसोई से गीले हाथों को आँचल में पोंछते हुए सुनंदा जी निकल कर आई और बोली,“ क्यों गला फाड़ रहे हैं थैले … Read more

मेरी बेटी की जिंदगी अनमोल है। – अर्चना खंडेलवाल  : Moral stories in hindi

‘सुधा जरा तेल गरम करके ले आ, पैरों की मालिश कर दें, आज बहुत दर्द हो रहा है।” आटा गुंथती सुधा जी के कानों में ये आवाज पड़ी तो उसके हाथ जल्दी से चलने लगे, उन्होंने फटाफट आटा ढका और तेल लेकर सासू मां  दमयंती जी के कमरे में चली गई। “बड़ी देर लगा दी, … Read more

एक बार फिर – बालेश्वर गुप्ता  : Moral stories in hindi

अपने एकलौते बेटे नीरज की अपने पिता रंजीत जी से की जा रही गुहार ने रंजीत जी को अपने ही जीवन के अतीत में लाकर खड़ा कर दिया।ऐसे ही वह अपने पिता मुरारीलाल जी से अनुमति मांग रहे थे  बाबूजी मुझे एक सप्ताह के लिये बनारस जाना है।बाबूजी के कारण पूछने पर रंजीत ने बताया … Read more

error: Content is protected !!