दायित्व अपने अपने – माधुरी गुप्ता: Moral stories in hindi

न जाने क्यों अनुज का मन अतीत की तरफ लौट रहा था,उसके दिमाग में उसके साथ हुईं बचपन की घटनाऐं किसी चलचित्र की तरह सामने आरही थी। लगा कि मैं एक बार फिर से अनाथ होगया हूं।मेरा दायित्व उठाने बाली जीजी मां मेरा साथ छोड़ कर चली गई थी।उनके साथ बिताए गए ३० साल सामने … Read more

चमत्कार – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

माला और हेमंत की शादी को सोलह साल हो चुके थे ।  इन बीते सालों में उन दोनों ने  शहर के बड़े से बड़े डॉक्टरों को दिखाया, न जाने कितने टैस्ट हुए पर सभी मेडिकल रिपोर्ट नार्मल थी । डॉक्टरों की पूरी – पूरी टीम केस डिस्कस करती लेकिन माला मातृत्व के सुख से वंचित … Read more

दायित्व – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

आंगन के बाहर बने… बरगद के चबूतरे पर… नन्ही रिया बैठी चुपचाप अंदर हो रहे घमासान को देख रही थी….!  उसकी आंखों के आंसू सूख चुके थे… चेहरा पीला पड़ गया था…. आंगन में उसके पिता की लाश पड़ी थी…. मां तो उसे जन्म देते ही गुजर गई थी… और यह पिता जिन्होंने 10 सालों … Read more

नालायक – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

जगदीश जी अपने बेटे की हरकतों से परेशान हो गए थे।आए दिन उसकी शिकायतें मिलती रहती थी परेशान हो गए थे वो अपने बेटे से ।कारण था घर में अच्छा खासा पैसा था और जगदीश जी की पत्नी निर्मला जी बेटे के हाथ में खूब पैसा देती रहती थी जिसकी वजह से बेटा थोड़ा सा … Read more

बंटवारा – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

राधा जी की दो बहुऐ हैं-एक का नाम नदंनी व दूसरी का नाम मंदाकिनी,जिसे वे प्यार से मंदा पुकारती हैं। राधा जी ने अपनी दोनो बहुओं के काम का बंटवारा कर रखा है।सुबह का नाश्ता व लंच मंदा बनाती है,तो शाम की चाय व खाना नंदंनी देखती है। इससे सारे काम सुरूचिपूर्ण ढंग से निपट … Read more

बेटी के लिए दायित्व, पर बहू के लिए एहसान – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

महक..! मोना का आठवां महीना शुरू हो गया है, तो उसने मुझे बुलाया है… सोच रही हूं उसकी डिलीवरी तक उसके पास ही रहूं… उसकी सास का तो तुम्हें पता ही है.. कोई भी दायित्व लेना नहीं चाहती और डॉक्टर ने मोना को अभी ट्रैवल करने से मना किया है… इसलिए यहां भी वह आ … Read more

दायित्व – डाॅ संजु झा: Moral stories in hindi

कल विनोद बाबू का अवकाश-ग्रहण बहुत धूमधाम से मनाया गया।चालीस बर्ष की नौकरी के दायित्व से मुक्त हो गए। एक तरफ उनके मन में खुशी है कि चालीस सालों की बैंक की नौकरी में उनके चरित्र पर कोई धब्बा नहीं लगा,दूसरी तरफ खालीपन का गम भी मन में साल रहा है।सोच-विचार करते हुए  विनोद बाबू … Read more

कच्ची उम्र के कोमल अहसास – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

विद्यालय में सोशल साइंस पढ़ाने का लगभग बीस वर्षों का अनुभव था,शुभा को।बोरिंग समझा जाने वाला विषय ‘,इतिहास’ भी बच्चे बड़े चाव से पढ़ते थे।भूगोल में एक चैप्टर है”पापुलेशन”।इस चैप्टर में मनुष्य की आयु को विभिन्न श्रेणियों में बांटकर विशेषता बताई गई है। नौंवी कक्षा में भूगोल के पापुलेशन चैप्टर में आने पर ,जब वयस्क … Read more

तुम्हारे वक्त पर मेरा भी अधिकार है…. – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

“कितनी सुहानी सुबह थी वो रजत जब हम मसूरी घूमने गए थे, खुशगवार मौसम और हम दोनों का प्यार मौसम को और रूमानी बना रहा था…जो देखता बस हमारी जोड़ी की तारीफ करते नहीं थकता…तुम भी तो बस मुझे अपनी नजरों से एक पल को ओझल नहीं करना चाहते थे…बस तुम्हारी नज़रों के सामने रहूँ…यही … Read more

घर की नींव घर के मेहमान हो गए – मीनाक्षी सिंह: Moral stories in hindi

दादा जी…. आप और दादी कितने दिन तक रहेंगे हमारे घर ?? छोटा सा अंकुश पिछले  दिन ही आयें,,,दादाजी की गोद में बैठा बोला….. पोते के मुंह  से यह बात सुन दादा निरंजन जी और दादी कमलाजी दो मिनट को तो जैसे शांत से हो गए….. क्यूँ रे लल्ला ….. अम्मा ,, बाबा सुहा ना … Read more

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