गलत के खिलाफ – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

नहीं मैं पुलिस कंप्लेन वापस नहीं लूॅंगी, मेरा भाई है तो क्या हुआ? उन लड़कियों का भी तो सोचिए, जिन्हें यह दिन भर गंदे गंदे संदेश भेज कर परेशान करता रहता है। मैं भाई के खिलाफ नहीं गलत के खिलाफ हूॅं। मालिनी के शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस स्नातक कर रहे उसके भाई रवीश को … Read more

अब तो शर्मसार करना बंद करो- मनीषा सिंह। : Moral stories in hindi

“नहीं मम्मी, आप रहने दो—–! मुझे अभी शादी नहीं करनी है! “पापा प्लीज समझाइए ना मम्मी को, संजना अपने पापा कैलाश जी से बोली। ” पर बेटा यह रिश्ता अच्छा है” तभी तो तेरी मां इतनी जिद कर रही है कैलाश जी अपनी पत्नी पुष्पा जी के बात का समर्थन करते हुए कहा। ” हां … Read more

सोने चाँदी का भेद – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

दमयंती जी के घर आज सुबह से ही सारे लोग शाम के उत्सव की तैयारी में जुटे हुए थे। ख़ुद दमयंती जी एक एक काम की बारीकी से जाँच पड़ताल कर रही थीं। आने वाले मेहमानों की फ़ेहरिस्त लंबी होती जा रही थी। घर की साजों सज्जा में कोई कमी नहीं थी। शाम को घर … Read more

सुबह का भूला… – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

साक्षी बेटा , कल गाँव तुम्हारे बाबूजी के पास गई थी । भइया  तो सचमुच भाभी के जाने के बाद एकदम से बहुत कमज़ोर और बूढ़े दिखने लगे हैं ।  हाँ बुआ जी , शरद हमेशा ही वीडियो कॉल पर बातें करते हैं पर क्या करें ? अम्मा की तेरहवीं के बाद हमने बाबूजी को … Read more

मैं अपनी मम्मी के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता – बीना शर्मा: Moral stories in hindi

वर्षों बाद विमला ने अपने बेटे अजय को अपने घर पर देखा तो उसे बहुत आश्चर्य  हुआ  अजय के साथ में उसकी पत्नी अनामिका भी थी उसके बेटे बहू रोजगार के कारण काफी वर्षों से अपने बच्चों के साथ मुंबई में रहते थे जिनके वापस आने की उम्मीद विमला ने छोड़ दी थी मम्मी को … Read more

पागल कहीं की – संध्या त्रिपाठी: Moral stories in hindi

         हॅलो मैम….. मैं जिला अस्पताल से बोल रहा हूं …आपकी बेटी रत्ना का प्रसव के पश्चात निधन हो गया है…! कृपया अस्पताल से संपर्क कर मृत शरीर को अपने सुपुर्द लें…।        क्या.. क्या…?? आपको कोई गलतफहमी हो गई है …मेरी बेटी रत्ना नहीं है …और आपको मेरा फोन नंबर किसने दिया…?  सॉरी …..कह कर सुलोचना … Read more

याराना – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ देख सुमन अपने बेटे से कह दे,मेरी रानी से दूर रहें, कल तक दोनों साथ हँसते बोलते थे तो सही था पर अब ये सब शोभा नहीं देता,तू समझ रही है ना, अब लोग मेरी रानी पर उँगली उठाने लगे हैं कह रहे हैं देखो इसको अभी अभी ऐसा हादसा हुआ और ये आशिक … Read more

बात समझ की है ।। – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

राकेश के मोबाइल  मैं किसी उर्मी के नाम पर दस हजार रुपए ट्रांसवर का मैसेज देख मीता का दिमाग खराब हो गया और उसके दिमाग मैं जाने क्या क्या चलने लगा राकेश जैसे ही बाथरूम से निकला मीता ने सवालों को झड़ी लगा दी ये उर्मी कौन है इसको तुमने पैसे क्यों डाले और उसने … Read more

पहले मैं पत्नी हूं – शुभ्रा बैनर्जी: Moral stories in hindi

 “मां !ओ मां ,कहां हो तुम?”नीरज हमेशा की तरह चिल्लाते हुए घर में घुसा। सामने ही रवि बैठे थे।बेटे को घूरते हुए कहा”आ गया ,मां का चमचा।”दिशा को हंसी आ गई।यह पहली बार नहीं हुआ था।बाप -बेटे में ज्यादा बात कभी नहीं होती थी।रवि ख़ुद भी गंभीर स्वभाव के थे,बेटा भी उन्हीं पर गया था।अपनी … Read more

धारा के विपरीत – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

  बर्फ से ढकी कश्मीर की वादी अपने पूर्ण सौंदर्य की छटा बिखेर रही थी।सैलानी ठंड से बेफिक्र हाथों से बर्फ के ढेले बना बना कर एक दूसरे पर फेंक रहे थे।अजीब मस्ती का आलम था।रितेश और अखिलेश आज ही गुलमर्ग पहुचे थे।वहां के दृश्य देख उनका मन झूम उठा।         रितेश एक सामान्य परिवार का लड़का … Read more

error: Content is protected !!