करिश्मा – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi
बाबूजी,आज 100 रुपये एडवांस में मिल जायेंगे तो बड़ी मेहरबानी होगी।वो है ना माँ की साड़ी लानी है।बस दो धोती है,घिस गयी हैं।देख कर मुझे अपने पर शर्म आती है। अरे पहले बताना था ना।अच्छा रुक जरा।—–ले ये साड़ियां मेरी पत्नी की है,अब किस काम की,तेरी मां पहन लेगी,उसे संतोष मिलेगा।और ये ले 100 रुपये … Read more