यादगार विदाई…अर्चना सिंह : Moral stories in hindi

घर मे चारों ओर उत्सव का माहौल था । बेला, गुलाब , जूही के फूलों की लड़ियों से पूरा घर खुशबू से भरा हुआ था  और ऊपर से पकवानों की खुशबू अलग पूरे घर में फैली हुई थी । रिया की शादी थी आज । वो खूबसूरत जोड़े में तैयार बहुत सुंदर लग रही थी … Read more

मेरी बेटियों तनाव का नहीं खुशी का कारण है – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

‘अरे! क्या हुआ? घर में इतना तनाव क्यों है? मुकेश को आश्चर्य हो रहा था, सभी लोगों के सिर पर तनाव की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी। “तुझे कबसे फोन लगा रही हूं, तेरा फोन बंद आ रहा है, ऊषा जी ने अपने बेटे से कहा तो मुकेश ने अपना फोन चेक किया, हां, … Read more

ससुराल का अपमान नहीं सह सकती – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

 ” नहीं माँ…अब मैं यहाँ एक पल भी नहीं रुकूँगी…जहाँ मेरे परिवार का अपमान हो..वहाँ का पानी पीना भी मेरे लिये हराम है..।” कहते हुए रचना बैग में अपने कपड़े रखने लगी।     ” लेकिन बेटा…तुझे भी तो भाभी की बहन के लिये वो सब नहीं कहना चाहिये था।” शकुंतला जी बेटी को समझाते हुए बोली। … Read more

जीवन संघर्ष ही तो है – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

कोई कोई लोग दुनिया में शायद संघर्ष करने के लिए ही पैदा होते हैं और दुनिया में परीक्षा देते देते ही अपना सारा जीवन काट देते हैं ,ऐसा ही कुछ वन्दना के साथ घटित हुआ था। कितने अरमानों से शादी की थी वंदना नेअपने इकलौते बेटे राघव की । शादी के बाद वंदना को लगा … Read more

जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं! – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सोहम और प्रिया की लव मैरिज हुई थी,शुरू में सोहम के घरवाले इसके खिलाफ थे पर जब सोहम ने उनसे सीधे सीधे जंग छेड़ दी तो मजबूरी में उन्हें प्रिया को अपनाना पड़ा। दरअसल प्रिया कॉल सेंटर में जॉब करने वाली एक मॉडर्न,खूबसूरत लड़की थी,वो अलग बात है कि वो संस्कारी भी थी पर जॉब … Read more

दृष्टि की कुदृष्टि – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

   उस दिन सुबह में सोमेश के घर कोहराम मचा हुआ था। उसकी पत्नी घर से गायब थी।     सुबह में जब सोमेश की आंँखें खुली तो करवट बदलने पर उसने देखा कि उसकी नवोढ़ा पत्नी बिस्तर पर नही है। पहले तो उसने समझा कि हो सकता है बाथरूम वगैरह गई होगी।  किन्तु कुछ देर के बाद … Read more

जिंदगी सुख कम दुख ज्यादा देती है – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

बेटा ये दवाई खत्म हो गई थी जरा ले आना रात को खानी है ! जी बाबूजी अभी ले आऊंगा दफ्तर से सूरज आ कर बैठा ही था की बाबूजी ने याद दिलाया अंदर से शोभा पानी ले आई उसे पनीर मंगाना था उसका बेटा कई दिनों से जिद्द कर रहा था तो शोभा ने … Read more

बंद करो अपना ये नाटक! – संध्या सिन्हा : Moral stories in hindi

“गोल्स पाने की खुशी तभी महसूस होती है, जब उसे किसी के साथ शेयर कर सको।” यह सोच कर हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए हुए रोहनी घर में प्रवेश करती है । तभी सोमेश कहता है मां ! ” क्या आज फिर आपको छोड़ने मनोज जी आए थे” ? हां तो ? तुमने आज … Read more

सही राह बनाए रिश्तों मैं चाह – अंजना ठाकुर  : Moral stories in hindi

आज नमिता अपनी ननद विधि के कमरे से बाहर से गुजर रही थी तो उसे सुनाई दिया की विधि अपने पति से बात करती हुई कह रही है की तुम जब तक अलग रहने का इंतजाम नहीं कर लेते मैं वापस नहीं आने वाली । विधि की शादी को अभी सात महीने ही हुए थे … Read more

अच्छे घर की लड़कियाँ – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

स्वीटी ! कैसे मुँह फाड़-फाड़ कर हँसती हो ? अच्छे घर की लड़कियाँ धीरे मुसकराती हैं । स्वीटी ! कैसे हाथी की तरह धम्म-धम्म करके चलती हो ? अच्छी लड़कियाँ धीरे-धीरे चलती हैं । स्वीटी ! कैसे चप्प-चप्प करके खाती हो ? अच्छी लड़कियाँ मुँह बंद करके खाती हैं । स्वीटी ! कैसे लड़कों जैसे … Read more

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