एक प्यार ऐसा भी …(भाग -11) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

आप सबने अभी तक पढ़ा कि निम्मी और सर जी ,, रानी मौसी के पड़ोसी रिंकु की सहायता से उसकी छत से होते हुए नीचे घर में उतर आयें है…… साथ में पुलिस के तीन आदमी भी है….. जैसे ही वो सब नीचे आतें है …. गोली चलने की जोर की आवाज आती हैं … … Read more

एक प्यार ऐसा भी …(भाग -10) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

आप सबने अभी तक पढ़ा कि 15-16  साल की बच्ची निम्मी की शादी बस कुछ दिनों में होना तय हुआ  है …. निम्मी की अम्मा बापू,,,बेटी के ब्याह का सामान,,,,ट्रैक्टर में लादकर ,,,शहर की ओर,,रानी मौसी के यहां भोर में ही निकल चुके है….. स्कूल के सर जी और निम्मी के सबसे अच्छे दोस्त,,राजू ने … Read more

एक प्यार ऐसा भी …(भाग – 9) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

आप सबने अभी तक पढ़ा कि निम्मी की रानी मौसी और मौसा जी ने निम्मी को चरित्रहीन साबित कर दिया है उसके अम्मा बापू की नजरों में…. निम्मी खुद को सही साबित ही नहीं कर पा रही….. निम्मी के अम्मा बापू भी मौसी की बात पर विश्वास कर लेते है … अम्मा बोलती है अब … Read more

एक प्यार ऐसा भी …(भाग – 8) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

आप सबने अभी तक पढ़ा कि निम्मी शहर में अपनी मौसी के घर पढ़ने लगी है … हालांकि उसकी मौसी उसे पढ़ाने के लिए कम,,,घर के काम कराने के लिये ही ज्यादा लेकर आयी है … इधर राजू की पढ़ाई भी गांव के सरकारी स्कूल में रफतार पकड़ रही है … राजू निम्मी के लिए … Read more

बदलाव प्रकृति का नियम है-डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral stories in hindi

क्या कह रही हो बहू?दिक्मग तो दुरुस्त है तुम्हारा?लीलावती चिल्लाई थीं बहुत तेज़ी से जब उनकी बहू श्वेता ने धीमी आवाज़ में उनसे कहा था, राखी अपने मृत पिता को मुखाग्नि देने को कह रही है। दरअसल श्वेता के दो बेटियां ही हैं,उसे कोई पुत्र नहीं हुआ लेकिन उसके पति अशोक ने अपनी बेटियों को … Read more

ये क्या अनर्थ कर दिया है तुमने-के कामेश्वरी Moral stories in hindi

मेरे बच्चे अपनी पत्नियों के साथ अमेरिका जा रहे थे । हम दोनों पति पत्नी को साथ बिठाकर बड़े बेटे ने कहा कि माँ पापा आप दोनों शादी के इतने सालों बाद अभी भी लड़ते रहते हैं । हम अपनी नौकरियों और परिवार में व्यस्त रहते हैं । आप लोगों के बीच सुलह कराना हमारे … Read more

सन्तुष्ट-मोनिका रघुवंशी Moral stories in hindi

प्रतीक मैं नौकरी करना चाहती हूं… थाली में गर्म रोटियां रखती हुई नेहा बोली। नौकरी ऐसे अचानक, पर क्यों मैंने या मम्मी ने कभी किसी चीज के लिए रोका है तुम्हे। वो बात नही है प्रतीक, मैं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी एक पहचान बनाना चाहती हूं सुमि भी अब तीन साल … Read more

विधवा-संध्या सिन्हा Moral stories in hindi

निशा की कालिमा ने अपने पैर पसार लिए थे ।सभी सोने चले गए थे , दादी भी सो गई पक्की नींद में । दस बरस की छोटी सी सुगन ने अपनी कोठरी का दरवाज़ा बंद किया और दीये की रोशनी में अपने पुराने सन्दूक को धीरे से खोला ।उसे दो रंग की ओढ़नी ही तो … Read more

दिल से दिल तक-पुष्पा जोशी Moral stories in hindi

सुशीला माई घर का काम करके जा चुकी थी। माधवी ने अपने ऑंसू बड़ी मुश्किल से रोक रखे थे, वह जानती थी कि अगर सुशीला माई ने उसकी ऑंखों में ऑंसू  देखे तो उन्हें बहुत दु:ख होगा। वह सुशीला माई को दु:खी करना नहीं चाहती थी। दूसरी बात यह कि वह सुशीला माई के आगे, … Read more

नई सीख-अर्चना सिंह Moral stories in hindi

आज बच्चों की परीक्षा की कॉपी जांचते – जांचते काफी समय लग गया। मधु ने एक नज़र घड़ी पर डाली, शाम के 5 बज चुके थे। थकी सी वो सुस्ताये अलसाये कदमों से चल कर वह घर घुसी तो 6 बजने वाले थे। घर के अंदर आकर उसने झांका तो कोई न दिखा, फिर उसने … Read more

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