सच्चाई – प्राची_अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कपिल जी ने अपनी बेटी का विवाह बड़े धूमधाम से किया। लेकिन विवाह के दो महीने पश्चात ही बेटी ससुराल छोड़कर मायके आ धमकी। दोनों पक्षों के बीच में वाद विवाद भी खूब हुए। कानूनी कार्रवाई कर कर फैसला कर लिया गया। अब कपिल जी अपनी बेटी के लिए किसी दूसरे अच्छे रिश्ते की तलाश … Read more

पता नहीं किस जमाने में जी रही है आप – प्रतिभा परांजपे : Moral stories in hindi

सुधा के बेटे के लिए अशोक वर्मा जी की बेटी सिमरन का रिश्ता आया। पढ़ी-लिखी ,देखने में सौम्य,सुंदर लगी  सिमरन । सारी जानकारी देख सुधा को अपने बेटे सुमित के लिए योग्य लगी । सुमित कुछ दिनों की छुट्टी पर आया था तो वह और सुमित दोनों सिमरन को देख आये। सुधा और सुमित ने … Read more

रिश्ते ऐसे भी होते हैं…. – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

पूरे दस साल बाद आज रीवा अपने शहर लौट रही थीं। कहाँ तो आख़िरी बार ये सोच कर निकली थी कि फिर यहाँ कभी कदम नहीं रखेंगी ….पर क्या पता था ….समय-चक्र एक बार फिर से उसे वहीं ला कर खड़ा कर देगा जहाँ से निकलने के लिए उसने खुद से कितनी लड़ाइयाँ लड़ी थी।  … Read more

ससुराल की अहमियत (भाग -2) – स्वाती जैंन : Moral stories in hindi

अर्चना जी ने सोचा था दोनों बहने एक ही घर में ब्याहकर आएंगी तो मिलकर रहेंगी और घर को स्वर्ग बना देंगी मगर वे कहां जानती थी कि दोनों सगी बहने मिलकर ससुराल वालो का जीना हराम कर देंगी !! सुधा और मंगला दोनों की शादी एक ही मंडप में एक ही दिन और एक … Read more

ससुराल की अहमियत (भाग 1) – स्वाती जैंन : Moral stories in hindi

बुढ़िया , तेरी हिम्मत कैसे हुई रोटी पर घी लगाकर खाने की ?? तेरे लिए दो सुखी रोटी जान बूझकर ही रखी हैं मैंने , रोटी के साथ दाल दे रही हुं , यह काफी नहीं हैं क्या तेरे लिए जो अब घी भी लगाकर खाएगी तु रोटी पर ?? बड़ी बहु सुधा अपनी सास … Read more

बदली अहमियत, तो बदला व्यवहार – रोनिता कुंडू: Moral stories in hindi

सलोनी..! अचार की बरनिया जरा उतार देना, शिव्या और ज्योति आ रही है… उन्होंने खास अचार की मांग की है.. शोभा जी ने अपनी बहू सलोनी से कहा सलोनी:  हां मम्मी जी आपके बनाए हुए अचार होते ही बड़े लाजवाब है.. पिछली बार जब मैं अपने मायके लेकर गई थी, मेरी भाभी ने भी कहा … Read more

अहमियत – वीणा सिंह: Moral stories in hindi

आज लंबे अंतराल के बाद राज से एक कांफ्रेंस के दौरान मिलना हुआ… सुखद आश्चर्य के साथ एक टीस सी दिल में उठी… उफ्फ……                             नर्सरी से हमारा साथ था… स्कूल कॉलेज में हम साथ साथ पढ़े. हम दोनो अपने विषय के टॉपर थे.. मुझे ज्यूडिशियरी में जाने की बहुत … Read more

अहमियत औरत की पसंद की – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” मम्मी जी आज खाने में कटहल की सब्जी बना लेती हूं आप जरा बाहर सब्जी वाले से ला दे !” पंद्रह दिन पहले ब्याह कर आई रुचि ने अपनी सास नलिनी जी से कहा। ” नही नही कटहल की सब्जी हमारे यहां कोई नही खाता तुम ऐसा करो अपने पापा जी की पसंद की … Read more

ख्वाब जो बिखर गये (भाग 2)  – रीमा महेंद्र ठाकुर 

निहारिका  बैचेनी से चहलकदमी  कर रही थी !  धीरे धीरे  अन्धेरा  बढ रहा था  , अब तो उसे  डर भी  लग रहा था , उसके  कदम समीर के रुम की  ओर बढ गये ।   तभी सामने से आता दिखा समीर , वो  दौड़कर समीर के गले लग कर रो पडी, समीर ने उसे  चुप  … Read more

ख्वाब जो बिखर गये (भाग 1)  – रीमा महेंद्र ठाकुर 

बहुत  चाहा तुम्हें , अब  नही बस तुमने  दिया ही क्या मुझे,    बेबसी”  तुम आये ही क्यू मेरी  जिन्दगी मे ,कुछ भी  तो न चाहा था  तुमसे  ,मैने सिवाय थोडी सी इज्जत और अपनेपन के  अलावा ” अब छोड गये न मुझे  अकेला”  अब कभी वापस मत आना  ! मै अकेली ही अच्छी  हूँ बन्द  … Read more

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