साथ चलोगे – संजय मृदुल
सुनो! तुम कुछ कहना चाहते हो? रुचि ने अंशुल को रोक कर कहा। अंशुल हतप्रभ खड़ा रह गया, समझ नही आया क्या जवाब दे, क्या कहे? पूरे छः साल के बाद ये पूछा था रुचि ने। अंशुल को असमंजस में देख कर रुचि ने ही कहा, शाम को मिल सकते हो, वहीँ? जी जरूर। इतना … Read more