डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -81)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi
एक और बात है नैना! उनकी एक जवान बेटी भी जिसका नाम ‘कुसुम’ है ,वो भी उनके साथ आई है। जब मैं कलकत्ते में राॅय साहब के साथ काम करता था उन दिनों कुसुम के साथ मेरी बहुत अच्छी दोस्ती थी। नाटक कंपनी की सारी बागडोर इस कुसुम के हाथों में ही है। एक तरह … Read more