तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -8)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi
“इतना आश्चर्य से न देखो रिक्की।तुमने ही तो कहा था कि तृप्ति को कुछ पता नहीं चलना चाहिए।बस तुम्हारी दोस्त के लिए झूठ बोला है।” शेखर ने कहा। “तृप्ति बहुत लक्की है शेखर।तुम्हारा प्यार उसके साथ है।हर कोई इतना लक्की नहीं होता।” एक ठंडी सी आह भरकर रिक्की बोली। शेखर उसके चेहरे पर छाई बेचैनी … Read more