ईश्वर की माया, कहीं धूप, कहीं छाया!
धूप और छाया”—बस यही तो ज़िंदगी का दूसरा नाम है। ईश्वर की माया भी कुछ ऐसी ही है—जहाँ किसी के जीवन में उजाला है, वहीं किसी के हिस्से में अँधेरा आता है। राजगढ़ गाँव में हरि और मोहन दो भाई थे। पिता के निधन के पश्चात दोनों के जीवन की दिशा ही बदल गई। हरि … Read more