दिल्ली की लड़की से मुझें बचाओ – नेकराम Moral Stories in Hindi

आज मौसम खराब होने की संभावना है घरवाली दोपहर को मेके गई थी रात के 9:00 बजने वाले हैं अभी तक लौटकर नहीं आई तभी मोबाइल में बेल बजी मैंने तुरंत मोबाइल उठाकर कॉल रिसीव किया बीवी ने उत्तर दिया शायद आज मौसम खराब है रास्ते में बहुत जाम मिलेगा इसलिए मैं कल सुबह आ … Read more

पुलिस बूथ – नेकराम Moral Stories in Hindi

शहर की लाल बत्ती का बड़ा सा चौराहा वही सड़क किनारे शाम 4:00 बजे एक आइसक्रीम की रेहड़ी अपने समय पर आकर खड़ी हो जाती आइसक्रीम बेचने वाला शिव कुमार 3 सालों से अपने चुने हुए स्थान पर समय पर आ जाता सर्दी हो या गर्मी वह हमेशा एक कलर की ही कमीज पहने दिखाई … Read more

डोर मैट – श्वेता सोनी Moral Stories in Hindi

आज मुग्धा और मधुर के विवाह की दसवीं वर्षगांठ थी, आज अठारह फरवरी है मुग्धा  को अचानक याद आई इस तारीख में छिपी वह रात जब  मधुर के साथ उसने सात फेरे,, सात वचन के संस्कार पूरे किए थे.  इन सात फेरों और सात वचन  का मान क्या हर दम्पत्ति रख पाते होंगें, सोच रही … Read more

सिब्बो जिज्जी – सुनीता मुखर्जी “श्रुति Moral Stories in Hindi

दो भाइयों के बीच सुभाषिनी अकेली बहन थी। कहते हैं… सुभाषिनी से पहले उनके कुल में कभी कोई बेटी पैदा नहीं हुई थी…. इसलिए पूरे परिवार की लाडली, दुलारी और सबके आंँखों की नूर थी सिब्बो जिज्जी। घर में सभी लोग उन्हें सिब्बो के नाम से ही बुलाते थे। कक्षा पाँच पास करने के बाद … Read more

मेरा खत – डाॅ उर्मिला सिन्हा Moral Stories in Hindi

प्यारी सखी,  मधुर स्मृति।   आज वर्षों बाद मैं तुम्हें पत्र लिख रही हूं। याद है  जब हम छुट्टियों में अपने अपने घर चले जाते थे तब ये चिट्ठियां  ही हमारा सहारा होती थी। हम कभी डाक से या कभी किसी हरकारे के हाथों एक-दूसरे को कुशलक्षेम भेजती।    उस कागज के टुकड़े में कितना कुछ … Read more

दोष किसका – मंजू ओमर Moral Stories in Hindi

मम्मी तुम आज मेरी लाई हुई साड़ी ही पहनोगी तभी मैं अपनी इंगेजमेंट करूंगी नहीं तो मैं नमन को मना कर दे रही हूं प्रोग्राम कैंसिल कर देती हूं , एकता बोली अपनी मम्मी सिया से ।सिया बोली क्यों बेटा जिद कर रही हो अब इस उम्र में मैं और इस स्थिति में ऐसे कलर … Read more

रिश्ते की डोर न टूटे – पूजा शर्मा Moral Stories in Hindi

अरे विजय मां कह रही थी कि तुम बाबूजी की तेरहवीं की रस्म एक मंदिर में कर रहे हो। दिनेश ने अपने छोटे भाई विजय से कहा हां भैया मां सही कह रही है । आप तो जानते ही हैं बाबूजी को लीवर का कैंसर था जिसमें उनकी हर महीने कीमोथेरेपी होती थी। बाबूजी के … Read more

मुझे माफ कर दो पापा!-डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

अर्पित अपने माता पिता का लाडला बेटा था,बड़े नाजों से पाला था उन्होंने अर्पित को,इस उम्मीद के साथ कि वो बड़ा होकर उनका ख्याल रखेगा,खूब कमाएगा और उनको भी ऐशो आराम देगा। अर्पित उन दोनो की अपेक्षाओं पर खरा भी उतरा,पढ़ लिख कर उसकी बहुत बड़ी मल्टी नेशनल कंपनी में बड़े पैकेज पर नौकरी लग … Read more

मेरी पसंद की लड़की-नेकराम Moral Stories in Hindi

नेकराम कितना समय लगेगा तुझे तैयार होने में तुझे पता है हम लड़की वालों के घर जा रहे हैं तेरी शादी की बात करने के लिए बिचौलिए ने बताया था वह पांच बहने हैं हम लोग बस में बैठकर लड़की वालों के घर चल पड़े 15 मिनट बाद बस से हम उतर गए कुछ दूर … Read more

अंकल जी का बिजनेस-नेकराम Moral Stories in Hindi

उन दिनों मैं गांव से शहर पिताजी के एक मित्र के घर पढ़ाई के सिलसिले से एक महीने के लिए रुक गया था पिताजी ने जाते वक्त बताया था उनका बहुत बड़ा बिजनेस है तू वहां रहकर अपनी पढ़ाई का एग्जाम दे देना ट्रेन पकड़कर में फौरन दिल्ली चला आया मोहल्ले में उनका घर मैंने … Read more

error: Content is protected !!