औकात – मनीषा सिंह : Moral stories in hindi

“मां _! मुंह मीठा कीजिए ।पैर छूकर शैलेश मिठाई अपनी मां के मुंह में डालते बोला  “बता तो सही की किस खुशी में मिठाई खिलाई जा रही है!   मालती जी बेटे के सर पर हाथ रखते बोली  “मां आज फाइनली मैं लेक्चरर के लिए सेलेक्ट हो गया   कई सालों से मेरी कोशिश थी इस जॉब … Read more

सदा सुहागन – गीता वाधवानी  : Moral stories in hindi

दो वर्षों से बीमार लकवा ग्रस्त पति गोवर्धन दास की दवाई खाकर अभी-अभीआंख लगी थी। भारती देवीने उन्हें सोता हुआ देख कर चैन की सांस खुदभी आराम कुर्सी पर निढाल होकर पसर गई। आखिर उनकी भी तो उमर हो चलीथी।      जब इस घर में ब्याह कर आई थी, मात्र 18 वर्ष की तो थी। तब … Read more

कपड़े बदलने पड़ेंगे – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

रीमा , चलो बाज़ार घूम आते हैं, सब्ज़ी भी ले आएँगे और इस बहाने मन भी बहल जाएगा । हाँ, आप चले जाइए । मैं तो कहती हूँ कि मंडी चले जाओ । ताज़ी और सस्ती सब्ज़ियाँ तो वहीं मिलती हैं ।  तुम चलो , जो चाहिए, ख़रीद लेना….. ना मैं नहीं । मुझे तो … Read more

नसीहत – बीना शर्मा  : Moral stories in hindi

घर में  अपनी पत्नी अर्चना और बेटी पल्लवी को गले मिलते देखकर अविनाश ने सुकून की सांस ली थी पिछले काफी दिनों से उसकी बेटी पल्लवी की जिद की वजह से उसके घर का वातावरण बेहद दुखदाई हो गया था पल्लवी के कहते ही उसकी हर मांग पूरी करने वाली अर्चना ने जब एक दिन … Read more

वो होली – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मुझे आज भी याद है वो होली जब मैं दसवीं कक्षा में थी, और बोर्ड के एग्जाम थे,तो मैंने तय किया था कि इस बार होली नहीं खेलूंगी। एक तो मुझे कुछ रंगों से डर लगता था, एक इम्तिहान की वजह से कि कही बीमार न हो जाऊं। वह बचपन की होली जब भी याद … Read more

उफ़्फ़ पहाड़ी रास्ते – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सीमा को पहाड़ों से ख़ास ही लगाव था । जब विवाह तय होने के पंद्रह दिन बाद ही उसे पता चला कि उसके पति अखिल का ट्रांसफ़र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हो गया है तो उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा । ट्रांसफ़र की खबर सुनते ही मम्मी बोली —-  ले सीमा , अब … Read more

संयुक्त परिवार की अहमियत – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

मधु बहुत ही शांत स्वभाव वाली बहू है ,उसकी नयी नयी शादी हुई थी उसके मायके का माहौल बिल्कुल विपरीत था,जिस कारण से उसे शोरगुल होता रहे तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता।उसे मानसिक अशांति सी महसूस होने लगती, लेकिन जब से ससुराल आई तो उसे यहां पर वैसा माहौल नहीं मिला। जैसा वो चाहती … Read more

ज़िन्दगी,सुख, दुख के जोड़ घटाव का नाम – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

हम सबकी जिंदगी आशा, निराशा,दुख,सुख के पालने में ही बीतताी रहती है। हरेक की लाइफ में दुख,सुख,बारी बारी से आते जाते रहते हैं ।यह तो हमारी सोच पर निर्भर करता है कि हम इन दोनों परस्थितियों में अपने को कितना बैलेंस करते हैं। बहुधा देखनेमें आता है कि सुखके दिनों को जल्दी भूल जाते है,और … Read more

दूसरा मौक़ा – रश्मि प्रकाश   Moral stories in hindi

 वह बत्तीस वर्ष की एक जिंदादिल महिला थी .. पति तो शादी के एक साल बाद ही गुजर गए। ससुराल वालों ने भी मुंह मोड़ लिया था। मायके में माता पिता का साथ मिल रहा था पर कहते हैं ना जब पति ना हो तो बहुत कुछ बदल जाता है .. उसकी जिन्दगी में भी … Read more

अब तुम सम्भाल लोगी बहू….. – सिन्नी पांडेय  Moral stories in hindi

विभा जी एक कुशल गृहिणी थीं और एक सख्त मिज़ाज महिला । यह कहना गलत न होगा कि घर में उनकी ही चलती थी । पति हरीश जी घर गृहस्थी की बातों में ज़्यादा दखलंदाजी नहीं करते थे और बेटी श्रेया की शादी हो चुकी थी । भगवान की कृपा से वो अपने ससुराल में … Read more

error: Content is protected !!