धिक्कार – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

आज लक्ष्मी अपने को कोस रही थी “धिक्कार है ऐसे जीवन पर ” सच में अम्मा जी के पोते की लालसा ने उसे पाँच पाँच बेटियों की माँ बना दिया था ।वह तो कभी ऐसा चाहती भी नहीं थी।पर पति की जिद के आगे हार गई थी वह ” अरे अम्मा गलत क्या सोचती है, … Read more

मायके के लिए फ़र्ज़ कैसे भूल जाऊँ – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

“ अरे बेटा तू अचानक यहाँ आ गई.. सब ख़ैरियत तो है?” दरवाज़े की घंटी बजते दरवाज़े पर राशि को यूँ अचानक आया देख सुमिता जी बोली “हाँ माँ तुम तो जानती हो मैं बहुत जल्दी घबरा जाती हूँ दो तीन दिन से बड़े बुरे सपने देख रही थी तो सोचा आकर तुम सब से … Read more

ज़िंदगी का तराजू – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

मालती आज जैसे ही बाजार जाने के लिए निकलने लगी,सासू मां ने बताया इन्सुलिन ,प्रेशर की दवाई,ख़त्म हो गई है।और हां हाजमोला भी लेना है।सुबह अखबार पढ़ते समय बोलीं थीं”अब दूसरी आंख से भी बहुत कम दिखता है बहू।” सड़क पर चलती हुई मालती सोचने लगी।परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर डालकर क्यों चले गए … Read more

चमेली से मिली हिम्मत – के कामेश्वरी   : Moral stories in hindi

चमेली मेरे घर में तीन साल से काम कर रही है । वह मेरे लिए दाएँ हाथ के समान है । वह घर के कामों के अलावा खाना बनाने में और मेरी बेटी की देखभाल में भी मदद कर देती है ।  मैं और मेरे पति दोनों ही दस बजे तक ऑफिस के लिए निकल … Read more

अब दुनिया के सामने रोकर मत दिखा – बीना शर्मा  : Moral stories in hindi

“मम्मी तुम हमें छोड़कर क्यों चली गई?” कहते हुए मीना की बहू पलक कुछ देर पहले ही स्वर्गवासी हुई सास के पास बैठकर जोर-जोर से रो रही थी पत्नी की बात सुनकर उसका पति पंकज गुस्से में बोला” खबरदार जो मम्मी के लिए एक भी आंसू बहाया तो..… सबके सामने इस तरह रोकर अपने  प्यार … Read more

सासू मां आपका बंटवारा नहीं हुआ है – अर्चना खंडेलवाल: Moral stories in hindi

कमरा हंसी से गूंज रहा था, देवांशी अपनी सहेली से बात कर रही थी, “अरे! नहीं यार मै कौनसी अपनी सास की उम्र भर सेवा करने वाली हूं, अभी मेरे बच्चे छोटे हैं,और मेरी सास को खाना बनाकर खिलाने का शौक है तो मेरे खाना बनाने वाली के पैसे बच जाते हैं, वरना इस सोसायटी … Read more

अनामिका – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

मम्मी सुनो तो मेरी शादी करवा दो ।हैं तू ये क्या बोल रहा है शादी कर दूं पर किससे । मम्मी लडकी से और किससे । कौनसी लड़की यहाँ कहाँ तुझे लडकी मिल गई। इतने दिनों से मैं जब कह रही थी तो हाथ नहीं रखने देता था अब यहां   एक ही दिन में … Read more

एकता – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

दोपहर का समय श्याम अपने घर एक पुलिया के नीचे बनी छोटी सी झुग्गी में आकर टूटे हुए खाट, जिसके एक ओर का पाया टूट जाने के कारण ईंट लगाकर कामचलाऊ बना लिया गया था, उस खाट के बग़ल में जमीन पर सिर घुटनों में डाल बैठ गया। श्याम के नौ और दस साल के … Read more

भरोसे का खून – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

सुबह सुबह पाँच बजे दरवाज़े की घंटी बजते ही रचिता आँखें मलते हुए उठी और दरवाज़े की तरफ़ बढ़ गई साथ ही साथ बुदबुदाती भी जा रही थी इतनी सुबह सुबह कौन आ सकता है….? दरवाज़ा खोलते ही देखती है सामने पड़ोस में काम करने वाला लखना परेशान सा खड़ा है  “दीदी जी  जल्दी घर … Read more

मेरे दुख किसके ..!! – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

ललिता अपने कमरे मै उदास बैठी थी !सोच रही थी की क्या कभी कोई उसके भी दर्द को समझेगा पूरी जिंदगी अपने कर्तव्य निभाने मैं ही निकल गई ! ललिता जब शादी हो कर आई तो उसकी उम्र अठारह साल थी !और उस कम उम्र मैं पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधो पर आ गई … Read more

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