दुखवा मैं कासे कहूं – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो सिद्धांत….?? क्या बात है समीक्षा…. फिर तुम कहीं वही घिसे पीटे राग तो नहीं अलाप रही हो ना …..मम्मी जी ये …मम्मी जी वो ….. तो मैं  साफ साफ बता दूं …इस मामले में मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता ….तुम्हें खुद सामने आकर अपनी समस्याओं को … Read more

धिक्कार है ऐसे बेटो पर – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

भारती जी के आंसू लगातार बह रहे थे, अस्पताल के बाहर अकेले बैठी उनकी सिसकियां रूकने का नाम नहीं ले रही थी, बूढ़ी आंखों पर लगा चश्मा भीग रहा था, जिसे उतारकर वो अपनी  साड़ी के पल्लू से बार-बार पौंछ रही थी, अंदर उनके पति कैलाश जी का ऑपरेशन चल रहा था और वो उनकी … Read more

बहू तो मेरी है ना.. – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    रिद्धि की सगाई हो जाने के बाद उसकी माँ नयनतारा जी उसे रोज कोई न कोई टिप्स ज़रूर देती थी।एक दिन वो बेटी को समझा रही थी कि सास को अपने पास दो दिन से अधिक बिल्कुल भी टिकने नहीं देना वरना…।तभी उसके पिता महेश बाबू बोले,” रिद्धि की माँ..ये कैसा पाठ बेटी को पढ़ा … Read more

धिक्कार – डाॅ संजु झा : Moral stories in hindi

मनुष्य की उन लोलुप इच्छाओं को धिक्कार है,जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रहीं हैं।उन इच्छाओं की पूर्ति के लिए  मनुष्य नित नए हथकंडे अपनाते रहता है।इसमें नशे का व्यापार  सर्वाधिक  लाभप्रद है,जिसमें व्यक्ति अनैतिक तरीके से अपना जमीर बेचकर जल्द ही लाखों की कमाई कर लेता है। इस धंधे में व्यक्ति की मानवता पूरी तरह … Read more

मेरे आत्मसम्मान को यूँ मत झकझोरो सासूमाँ – शिन्नी पांडे : Moral stories in hindi

नीतू बाथरूम से नहा कर निकली तो लाइट बन्द करना भूल गई, वह पूजा कर रही थी तभी उसकी सास कमलाजी ने बड़बड़ाना शुरू किया कि “बत्ती ऐसे जलाकर छोड़ देती है जैसे बिजली मुफ्त में आती है, बिल भरना पड़े तो पता चले”| नीतू मायूस होकर सुनती रही, पूजा करते हुए उसकी ऑंखें भर … Read more

हां….. मेरी मां ने यही सिखाया है – हेमलता गुप्ता: Moral stories in hindi

  हे भगवान… देखो तो, संध्या बाती कासमय हो गया, घर में कैसा अंधेरा हो रहा है, संध्या बहू कहां है, क्या कर रही है? घर में अंधेरा कैसे कर रखा है? हे भगवान.. सब काम मुझे ही  देखने होते हैं, थोड़ी देर बाहर रिश्तेदारी में क्या चली गई घर में तो अंधेरा करके रख दिया, … Read more

सम्मान – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

श्रेया एक मल्टीनेशनल कम्पनी मे नौकरी करती थी । बिंदास लेकिन संस्कारी लड़की थी वो । उसके ऑफिस मे ही राहुल काम करता था वो दोनो एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे । ” श्रेया तुम्हे नही लगता हमें अपना रिश्ता आगे बढ़ाना चाहिए क्योकि हमें एक दूसरे को पसंद करते छह महीने हो … Read more

बारिश की बूँदे – किरण केशरे : Moral Stories in Hindi

अमन और सिया बारिश के सुहावने मौसम में घुमावदार पहाड़ी रास्ते से शादी के एक माह बाद गाँव जा रहे थे ; बुआ बहुत दिनों से गाँव आने का बोल रही थी ।  बुआ के तेज स्वभाव के बारे में सिया ने सुन रखा था, इसलिए वह घबरा भी रही थी गाँव जाने से पर … Read more

पालतु बहू – रोनिता कुंडु: Moral stories in hindi

पार्वती… जल्दी करो यार… कहां रह गई.. एक पेन लाने को भेजा था.. मानो पेन बना ही रही हो… पार्वती.. पार्वती… शशांक ने चिल्लाते हुए कहा  तभी अंदर कमरे से पार्वती भागती हुई पेन लाकर शशांक को जैसे ही थमाती है… चटाक की एक आवाज से वहां का माहौल गूंज उठता है.. क्योंकि शशांक का … Read more

दीदी, माँ तो तुम्हारी भी है ना – मीनाक्षी सिंह  : Moral stories in hindi

हेलो रीना दी …. हां बोल रोशन….. माँ की तबियत अचानक से फिर बिगड़ने लगी है … छोटा भाई रोशन बोला… ओह…. तो डॉक्टर को दिखाया नहीं क्या तूने?? रीना घबराती हुई बोली…. दी… होस्पिटल में ही हूँ….. डॉक्टर कह रहे है अब ऑपेरेशन ही करना पड़ेगा….. कीमो होगी फिर से माँ की…….. रोशन रोते … Read more

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