बंधन जन्म जन्म का -प्राची अग्रवाल Moral stories in hindi

घर को फूलों से अच्छी तरह से सजाया जा रहा था। सभी दरवाजों पर वंदरवार लगायी जा रही थी। बैलून डेकोरेशन वाला हार्ट की शॉप में लाल गुलाबी गुब्बारे फुला रहा था। कई मेकअप आर्टिस्ट घर की और रिश्तेदारी की महिलाओं को सजाने-संवारने के लिए लगे हुए थे। कुछ रिश्तेदार आ चुके थे। कुछ आ … Read more

ठोस कदम -अंजना ठाकुर Moral stories in hindi

रानी घर घर जा कर काम बर्तन मांजने का काम करती है ।दिखने मैं वो बहुत सुंदर थी लेकिन आत्मसम्मान उस मैं  कूट कूट कर भरा था वो अपना काम बहुत ईमानदारी से करती थी । आज बिल्डिंग में कोई नई फैमिली आई थी उनका बीस साल का बेटा है सूरज ।रानी उनके यहां भी … Read more

दिन में तारे नज़राना – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

एम बीए पास रचना का रिश्ता जब संयुक्त परिवार में तय होगया,तो उसकी माँ ने कहा बेटा माना तुम्हें कुकिंग में जरा भी रूचि नही है,बैसे भी जॉव करते समय तुम्हें इस सब के लिए शायद समय भी न मिले। लेकिन थोड़ी बहुत कुकिंग आना बहुत जरूरी है,ताकि ससुराल जाने पर कुछ सुनना न पड़े।हां … Read more

दिल का रिश्ता -डाॅक्टर संजु झा Moral stories in hindi

 कभी-कभी किसी के साथ दिल का रिश्ता इस तरह सम्मोहन में जुड़ जाता है,जिसे चाहकर भी हम भूल नहीं पाते हैं।मैं अमन ऐसा नहीं कह सकता हूँ कि मुझे आरंभ से ही नीलिमा से प्यार था,परन्तु उसमें कोई  चुम्बकीय आकर्षण तो जरुर था,जिसे मैं चाहकर भी भूल नहीं पाता था।उसकी मृगनयनी सी आँखें बार-बार मेरे … Read more

कलावती -संध्या त्रिपाठी Moral stories in hindi

देख कलावती…. गुच्छे में आम लगा है…. ध्यान रखना कोई तोड़ ना पाए… तृषा के इस वाक्य से कलावती खुश नहीं थी… वो शायद भाँप गई थी कहीं ना कहीं अप्रत्यक्ष रूप से मालकिन मुझे ही आम ना तोड़ने की सख्त हिदायत दी हैं….!       बड़बोली , अल्हड़ , बेबाक कलावती ने उस वक्त इतना ही … Read more

दिल का रिश्ता बड़ा ही प्यारा है -संगीता अग्रवाल Moral stories in hindi

सिया क्या कर रही हो ये …नीचे मम्मी जी आवाज दे रही हैं तुम्हे सुना नही ?” प्रेरणा अपनी देवरानी के कमरे में आ बोली। ” वो ….भाभी कुछ नही ..मैने ध्यान नही दिया मम्मी जी की आवाज पर ..!” सिया अपनी हरकत पर झेंपते हुए बोली और बाहर की तरफ जाने लगी। ” रुको … Read more

मायका -शुभ्रा बैनर्जी Moral stories in hindi

शुभि के बच्चे अब बड़े हो गए थे।बचपन में ननिहाल जाने का जो उत्साह रहता है,समय के साथ-साथ वह कम होता जाता है।समर वैकेशन मतलब ननिहाल होता था पहले।शुभि आज भी सोच रही थी ,काश पहले वाले दिन फिर लौट आते। गर्मी की छुट्टियां पड़ते ही ,बच्चों के कंधे पर रखकर चलाई गई गोली सीधे … Read more

एहसास-डॉक्टर संगीता अग्रवाल। Moral stories in hindi

बहू!गर्म चाय मिलेगी क्या?जल्दी दे देती तो घूमने निकल जाता। सोती हुई रंजना के कान में अपने ससुर की आवाज़ पिघले सीसे की तरह पड़ी,वो बिस्तर में लेटी हुई कुनमुनाई और अपने पति आशीष के पास सरक आई। ये पिताजी को भी नींद नहीं आती,सुबह पौ फटते ही चाय की तलब लग जाती है,सोने भी … Read more

और वो मुस्करा दी-डॉक्टर संगीता अग्रवाल । Moral stories in hindi

शायना परेशान थी कई दिनों से,उसकी लाडली बेटी आहना बहुत अनमनी रहने लगी थी कुछ दिनो से।उसने डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट करते हुए ये महसूस किया भी था,पूछना चाहा था उससे…”क्या हुआ आहू बेटा?कुछ “लो” दिख रही हो!कोई बात हुई स्कूल में?” आहना मां को बहुत कुछ बताना चाहती थी पर जानती थी कि मां … Read more

बंधन टूटे न-डॉक्टर संगीता अग्रवाल । Moral stories in hindi

अखिल परेशान था कि उसकी पत्नी रिशा उसके लाख प्रयासों के बाद भी उसके साथ खुश ही नहीं रहती थी,इतनी अच्छी सरकारी नौकरी थी उसकी,आयकर विभाग में बड़ा अफसर था वो,सरकारी आवास,नौकर चाकर मिले हुए थे ,एकमुश्त मोटी सैलरी लाकर रिशा के हाथ में थमा देता था वो लेकिन वो हर वक्त मुंह ही फुलाए … Read more

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