डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -33)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

कुछ समय इसी तरह बीता था। देवेन्द्र माएरा का छोटा भाई। एक दिन उसका फ़ोन आया था , ” आप मेरी दीदी के साथ ठीक नहीं कर रहे हो , वह मर जाएगी , वो आपका आदर करती है , मैं पुलिस के पास जाउंगा… ब्ला… ब्ला … ब्ला “ मुझे समझ में नहीं आया … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -32)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

जया ने नैना को भरी निगाहों से देखा है। वह कितनी सयानी और समझदार दीख रही है। आजकल उसके अपने दिमाग में कुछ नहीं चलता है। मातृत्व का सुखद अहसासों वाले पक्के रंग से जो सराबोर है।  दिन- रात आंखों के सामने सिर्फ शुभ्रा की बचपने और भोली बातें चलती रहती हैं। उसके अलावा उसके … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -31)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

हाए री किस्मत! ” मुबारक हो बेटी हुई है “ सरकारी अस्पताल में डाॅक्टर  के ये शब्द सुनकर जहां जया के कानों में मिश्री घुली थी। वहीं सासु मां पर कहर बन कर टूटी। वो अपनी पोती को देखने तक नहीं गयी। घर में मिठाई भी नहीं बंटे। उसे कुलदेवता की पूजा तक नहीं करने … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -30)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

— सपना ” पास ही के सिनेमा घर में लगी है। घूमते हुए चलेंगे ” सपना बोली। नैना को ऐसी ऐक्टिविटी बहुत एक्साइटेड कर देती हैं। दो लड़कियां अकेली घूम रही हैं। कोई मेल मेंबर साथ में नहीं है। पिक्चर देखने जाएंगी। काॅफी हाउस के सामने खुले स्पेस में समोसे और काॅफी पाएंगी। अंदर हौल … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -29)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

जया की तबियत नैना के आ जाने से  सुधरने लगी थी।  वह नैना और सपना  को एक साथ खुश और बतियाती देख कर संतुष्ट थी। पहले थोड़ी चिंतित थी। सपना न जाने कैसे रिएक्ट करे लेकिन उन दो सहेलियों में आपसी सामंजस्य बैठ जाने से वह इस ओर से निश्चिंत हो गई थी। इधर जया … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -28)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

— नैना मई महीने के उत्तरार्ध में मेरे परीक्षा का रिजल्ट निकल गया था।  खूब अच्छे नम्बर आए थे और जिसके साथ ही याद आए थे। ‘हिमांशु सर’ उनकी  बड़ी भावपूर्ण आंखें और गहरी आवाज़… सर , ” तुम न जाने किस जहां में खो गये … अब तो अच्छे नम्बर भी ले आई  “ … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -27)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

रोहन के लिए … मैं ठीक थी। बस इतना ही काफी था। लेकिन सासु मां उखड़ी-उखड़ी  रहतीं। मैं अक्सर अपने पेट पर हाथ फेरती पर अब वहां कोई हलचल नहीं मिलती। जब तक घर में रोहन रहते तब तक तो सब ठीक रहता लेकिन उनके घर से निकलते ही , ” हो गई मास्टरी ! … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -26)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

— जया मैं छह  माह की गर्भवती थी। लेकिन नादानियां करने से बाज़ नहीं आती थी । एक दिन  उपर की क्लास ले कर नीचे उतर रही थी। कि एक सीढ़ी छूटी और आंखों के सामने अंधेरा छा गया। शायद ज़िन्दगी की मुश्किलें शुरू होने को थीं। जब आंख खुली तो बिस्तर पर थी।‌‌‌‌ और … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -25)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

वक्त पंख लगा कर उड़ गया … 5 बर्ष आगे निकल गये  … जिंदगी पटरी  बदलती आगे दौड़ती जा रही है। अब जया भरपूर स्त्री दिखती है। उसकी जिंदगी अनिश्चय एवं भावनात्मक अस्थिरता के बीच सागर के ज्वार- भाटे में डूबती-उतराती रही है। — जया , विवाह के शुरुआती दिनों में रोहन मेरे चारों तरफ … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -24)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

उसके सांसों की धौंकनी तेज चल रही है। ” सामाजिक विकास के नाम पर कभी न बदलने वाली सोच के खिलाफ़  क्या वह अपने अस्तित्व को बिखरने से बचा पाएगी ? उसे ऐसा लग रहा है। इस सोच के मकड़जाल में फंसकर मानों वह  सबको मदद के लिए पुकार रही है। और आसपास खड़े लोग … Read more

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