हमे बस आपका आशीर्वाद चाहिए – विनीता सिंह

एक गांव के ए्क मध्यवर्गीय किसान राजकुमार की है वह खेती करते लेकिन उनके मन एक दुख था की वह ज्यादा पढे लिखे नहीं है लेकिन उनके दिल की इच्छा की वह अपने बच्चों को पढ़ाने शहर भेजे। राजकुमार जी और संध्या जी की दो संताने हैं उनका एक बेटा अनिल और  आरती दोनों बच्चों … Read more

दिखावटी रिश्ते – मंजू ओमर 

मम्मा आप कितनी अच्छी हो, मम्मा आप कितनी होशियार हो हर काम में, मम्मा आप कितना अच्छा खाना बनाती हो । बिना प्याज लहसुन के कैसे इतनी अच्छी सब्जी बना लेती हो।ये कहने वाली काव्या आज पति आयुष से कह रही थी की मैं तुम्हारी मम्मी की शक्ल नहीं देखना चाहतीं। उनकी छाया भी मैं … Read more

गोद ली बेटी – दिक्षा बागदरे

दीप्ति 6 भाई बहनों में सबसे छोटी बहन थी। उसकी चार बड़ी बहनें और एक भाई था। उसकी मौसी की अपनी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने दीप्ति के मम्मी और पापा से बात करके उसे बचपन में ही गोद ले लिया था। दीप्ति को बड़े नाजों से पाल पोसकर बड़ा किया। उसकी पढ़ाई-लिखाई में कोई … Read more

घाव हरे करना – खुशी

रीना की मां का आकस्मिक निधन हो गया।वो छुट्टियों में अपनी मां के पास गई थी और अचानक हार्ट अटैक होने से उनका देहांत हो गया इस समय रीना की दुनिया उजड़ गई वो अपनी मां को बहुत प्यार करती थी उसकी तो दुनिया ही उजड़ गई।वो इस गम से सम्भल ही नहीं पा रही … Read more

परिवर्तन – लतिका श्रीवास्तव

अचानक तुम्हें नौकरी करने का क्या फितूर सवार हो गया है। मैंने हमेशा कहा है ऊंची से ऊंची डिग्री ले लो जितना पढ़ना चाहो पढ़ लो।इतना अच्छा घर वर मिल गया है।शादी हो जाने दो फिर अपने घर जाकर जो करना हो करते रहना सुमेर जी के रूढ़ियां लपेटे तर्क बेटी नंदिनी के गले के … Read more

खोखले रिश्ते – गीता वाधवानी

 रिटायर प्रोफेसर देवाशीष मुखर्जी आज अपने अकेलेपन से जूझ रहे थे। इतना बड़ा घर और वह बिल्कुल अकेले। मानो अकेलापन उन्हें निगल रहा था। रोज सुबह सवेरे सैर करने जाते थे, तब थोड़ी देर उन्हें बहुत ही अच्छा लगता था। पक्षियों  की चहचहाट, ताजी हवा, खुला नीला आसमान, हल्की-हल्की धूप, सुंदर पेड़ पौधे और अपनी … Read more

दिखावटी रिश्ता – एम पी सिंह

गुप्ताजी रिटायर्ड सरकारी टीचर थे, प्रयाप्त पेंशन मिल जाती थी, गांव मै अपने पुस्तेनी मकान मै अपनी पत्नी और बड़े भाई के परिवार के साथ आराम से रहते थे. बची हुई जमीन पर 2 दुकान बनाकर किराए पर दें रखी थी. गुप्ताजी का इकलौता बेटा अनिल पढ़ा लिखा था और अपनी पत्नी अनीता और बेटे … Read more

खरोंच – संध्या त्रिपाठी

प्लीज विराज…. आप यहां से चले जाइए….. आइंदा अकेले मेरे घर ना आया करें….  जब भी यहां आएं …..एकता भाभी को साथ में लेकर आइएगा…. ताकि हमारे रिश्ते अपनेपन से भरे हुए मजबूत हों…..उसमें ”  दिखावटी रिश्ता ” जैसी कोई बातें ना हो…. और हम दोनों परिवारों के इस कोमल , मुलायम , संवेदनशील रिश्तों … Read more

अपने पर बीता तो समझ आया – लतिका पल्लवी

भाई दूज के दिन सभी बहने भगवान से अपने भाई की लंबी उम्र और उसकी प्रसन्नता के लिए प्रार्थना करती है।और भाई को तिलक लगाकर बजरी और मिठाई खिलाने के लिए उसकी राह देखती है, कब भाई उससे मिलने आए और वह उसे तिलक लगाकर आशीर्वाद दे। सुमन भी अपने भाई की लंबी उम्र की … Read more

पड़ोसी धर्म – दिक्षा_बागदरे

प्रिया का मन आज बहुत ही अशांत है। करे भी क्या, आए दिन की बेवजह की बातों से बहुत परेशान हो गई है।  प्रिया एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहती है।  प्रिया का स्वभाव सबसे मिलजुल कर रहना, हंसना-बोलना रहा है।  मगर अब लगने लगा है कि लोगों से दूरी बनाकर रखने में ही भलाई … Read more

error: Content is protected !!