शहीद बेटे की मां – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi
जैसे ही तेजाराम का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुँचा तो पूरा गांव उमड़ पड़ा अपने लाडले बेटे के अन्तिम दर्शन करने हेतु ।मां तो जैसे पत्थर की मूर्ति बन गई। न रोना न कोई प्रतिक्रिया देना जैसे बैठी थी बैठी रह गई । पत्नी देखते ही चीख मार कर बेहोश हो गई। अभी उन्होंने साथ … Read more