संकट के बाद सवेरा – पूनम : Moral Stories in Hindi

 समीरा का जीवन अचानक कठिनाइयों से भर गया था। उसके पति अक्षय की नौकरी छूटने के बाद, घर में जैसे आर्थिक तंगी ने डेरा डाल लिया।  अक्षय हर दिन नई नौकरी की तलाश में निकलता, लेकिन बार-बार खाली हाथ लौटता। समीरा देख रही थी कि अक्षय का हौसला धीरे-धीरे टूट रहा है, लेकिन उसने खुद … Read more

सामर्थ्य हीन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

देखते-देखते एक साल बीत गया,अमित को गए।अगली अमावस्या में ही उनकी बरसी की तिथि निश्चित हुई है।बेटे की नौकरी लगी नहीं अभी।कार्यालयों में दौड़-धूप कर रहा है वह।अनुकंपा नियुक्ति के काम जल्दी नहीं होते। मालिनी ने पंडित जी से पूछकर सामान की लिस्ट बनवा ली।दोनों ननदों को भी फोन कर दिया था,महीने भर पहले ही।अपने … Read more

कर्मों का फल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” बहू..एक गिलास पानी तो दे देना…प्यास से मेरा गला सूख रहा है और हिचकी भी…।” जमुना जी ने अपनी बहू अनिता से कहा तो वो विफ़र पड़ी,” बस..हो गई आपकी नौटंकी शुरु.. मेरी सहेलियाँ आईं नहीं कि आप…।अब मैं अपनी सहेलियों को अटेंड करुँ या आपके नखरे उठाऊँ..।” अनिता ने गुस्से- से पानी का … Read more

बिदाई – डाॅ उर्मिला सिन्हा  : Moral Stories in Hindi

   परिस्थितियों का अंधड़ कुछ ऐसा चला कि गौरी का मायके एकप्रकार से छुट ही गया। माता-पिता थे नहीं। भाई विदेश जा बैठा वहीं विवाह कर बच्चों  के साथ रहने  लगा। न कभी आया न बुलाया। राखी बजरी का कोई सवाल ही नहीं। कभी कभार फोन करता और संक्षिप्त वार्तालाप कर फोन रख देता।     “यहां हमलोग … Read more

जो बोया वही पाया – कविता झा ‘अविका’   : Moral Stories in Hindi

कमला के चार बेटे बहूएं और दो बेटियां… पोते पोतियां… सबके होते हुए भी उसका बड़ा बेटा अपनी मां  के लिए एक ऐसी नौकरानी  ढूंढ रहा था जो उसके साथ चौबीस घंटे रहे। उसकी पत्नी ने तो साफ इंकार कर दिया था… मुझसे कोई उम्मीद मत लगाइएगा कि मैं आपकी मां की सेवा करूंगी। उसकी … Read more

” माँ हम क्यों नुकसान सहें – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

“ यार नौ बज गए जल्दी से फोन हाथ में ले लो… माँ का फोन आने वाला है… हम सभी भाई बहन से उसने एक ही वक़्त पर ऑनलाइन आने कहा है।” पत्नी निशिता से कहते हुए रितेश ने जल्दी से फोन निकाल सामने रख लिया ठीक नौ बजे सुमिता जी ने अपने तीनों बच्चों … Read more

संयुक्त परिवार में टोका -टाकी ज़रूरी है पर एक शिक्षा और परवाह भी है। – मोहित महेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

 यह कहानी है दो सहेलियों की – एशा और लावण्या। इन दोनों की जीवन शैली में काफ़ी अंतर है। एशा एक गाँव में अपनी संयुक्त परिवार के साथ रहती है, जबकि लावण्या मेट्रो सिटी में अपनी न्यूक्लियर परिवार के साथ रहती है। तो चलिए मैं आपको कहानी की ओर ले चलता हूँ। (दृश्य 1) एक … Read more

साधारण सासुमां की असाधारण कहानी – संगीता त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

नित्या जब शादी कर ससुराल आई तो बहुत डरी हुई थी.. भारतीय घरों में  “पराये घर जाना हैं ”  या “सास बहुत कष्ट देगी, ताने देगी” जैसी बातें, लड़कियां बचपन से सुनती हैं…। और सभी लड़कियां ससुराल को जेल और सास माँ को  एक डरावनी शख्सियत समझ लेती हैं । फिर भी ससुराल रूपी जेल … Read more

दो जुड़वा बहने – नेकराम   : Moral Stories in Hindi

अम्मा ने हम दोनों भाइयों को पास बुलाकर कहा देखो अब तुम दोनों शादी लायक हो चुके हो मैं चाहती हूं अब तुम दोनों की शादी कर देनी चाहिए तुम दोनों तो जानते ही हो शहर में यह 100 गज का घर तुम्हारे पिताजी ने कड़ी मेहनत करके तीन मंजिला बनवाया था ताकि तुम्हारी बहुएं … Read more

“आत्मग्लानि” – मनीषा सिंह   : Moral Stories in Hindi

“नवीन जी  किरानी की नौकरी करते थे।  पत्नी सावित्री और दो बेटियां अंकिता और अवंतिका थी। भगवान की दया से बेटियां पढ़ाई और खेल दोनों में काफी होशियार थी–। दोनों स्कूल में हमेशा टॉप आया करतीं । “नवीन जी के घर में कुछ हो ना हो पर– बेटियों की “ट्रॉफीज और प्रमाण” पत्र जरूर रहते … Read more

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