परिधान – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

.. तुमने कुछ कहा ही नहीं इतनी सुंदर ड्रेस मैने पहनी है …तुम्हारा ध्यान कीधर रहता है सुमेर…. रिया कुछ नाराज हो गई थीऔर आखिरी के शब्दो को कहने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेस्तरां में कई लोग पलट कर उसकी ओर देखने लगे थे। यह सुंदर ड्रेस उसने कल ही खरीदी थी कल्पना … Read more

न रहने पर ही इंसान की कीमत समझ में आती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

कई दिनों बाद आज सरस्वती से मुलाकात हुई, हालांकि वो रहती हमारे मोहल्ले में ही है लेकिन मैं अपने बेटे के पास पूना गई थी चार महीने बाद लौटी हूं ।मिलते ही गले लगकर रोने लगी (दोस्ताना व्यवहार था मेरा सरस्वती के साथ) बड़ा अकेलापन हो गया है जिंदगी में कोई आगे पीछे नहीं है, … Read more

मैं और मेरा अस्तित्व – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

मयूरी और साहिल जीवन के ऊस मोड़ पर खडे़ हैं । जहां उनके रिश्ते मे इतनी “कडवाहट” आ चुकी है कि उसे कोई भी प्यार का शरबत मीठा नही कर सकता। मयूरी और साहिल का विवाह आज से 15 साल पहले हुआ था। हर आम वैवाहिक रिश्ते की तरह उनका भी रिश्ता था कभी प्यार, … Read more

तुम मेरे हो – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राशि अपने नाम के अनुरूप सौंदर्य की अप्रतिम राशि ही थी,विधाता ने बड़े फुरसत में गढ़ा था उसे,बड़ी बड़ी कजरारी आंखें, सुत्वा नाक,गुलाब की पंखुरी जैसे होंठ और आबनूसी काले,सिल्की बाल बस उसकी तकदीर लिखने में विधाता थोड़ी कंजूसी कर गए।छोटी सी थी कि उसकी मां महामारी की चपेट में आकर चल बसी,पिता ने दूसरी … Read more

* मन का मैल धुल गया* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

  दीपा, कल अपने पड़ौसी वर्मा जी के यहाँ भजन में गई थी । उनके छोटे बेटे की शादी के बाद बहू के आने की खुशी में उन्होंने भजन का कार्यक्रम रखा था। सुलभा जी और उनकी दैवरानी, जिठानी आपस में बहुत प्रेम से बातें कर रही थी, मिलजुल कर सारे काम कर रही थी। भजन … Read more

रोते रोते बस अपनी किस्मत को कोसती जा रही थी – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुमन को पार्क में आए तीन घंटे हो चुके थे,रोज की तरह सुबह सात बजे सैर के लिए घर से निकली थी और अब दस बज रहे थे ,सैर भी कितनी करती आखिर।थक चुकी थी,घर वापस जाने को मन ही नही कर रहा था,सोचने लगी कैसा घर किसका घर।पहले घर पति का था अब घर … Read more

NRI दामाद – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

न जाने किस घडी में मेरे मम्मी-पापा ने एक  एन आर आइ दामाद क सपना देखा था। असल में हुआ  ऐसा कि मेरी मौसी की लड़की की शादी NRI से हुई और वह अमेरीका में रहकर अपने पति के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही थी। तभी मेरी मम्मी ने भी सोच लिया कि वे … Read more

जीत ना सकी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

पुराने जमाने में अक्सर ऐसा होता था कि परिवार में बच्चों की संख्या अधिक होती थी, जैसे की 5 -6 भाई बहन या फिर 7- 8 भाई बहन आपस में होते थे। और कई बार ऐसा भी होता था कि सबसे बड़े भाई या बहन के विवाह में सबसे छोटा भाई या बहन गोद वाली … Read more

थोड़ा सा बचा कर रखा है ,ये जो बचपन!! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

बहू रानी,ये जो तुमने बालों को उठा कर सिर  पर जूड़े जैसा ( कहना तो चाहा था घोंसले जैसा) बांध लिया है ना ये कुछ अच्छा नहीं लग रहा है मुझे… आज ही  सारे नेगचार पूरे हुए हैं.. कोई आएगा तो क्या कहेगा? सोनल ( मालती जी की बहू) की आज ही नदी पूजन, देवी … Read more

क़िस्मत वाली या बदकिस्मत – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

आज अपनी तीसरी बेटी को भी हँसी ख़ुशी विदा करने के बाद तनु घर समेटने में व्यस्त थी तभी सुमति जी आई और बोली,“ बहू बड़ी भाग्यशाली है मेरी पोतियाँ जो इतने अच्छे घर में ब्याही गई… तीनों अपने माता-पिता के लिए जितनी फ़िक्रमंद रहती है उससे ज़्यादा उनके पतियों को तुम दोनों की चिंता … Read more

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